Advertisement

नेपाल: भारतीय दूतावास ने हिन्दी के पांच पुरोधा को किया सम्मानित

-भारतीय दूतावास ने हिन्दी के पांच पुरोधा को किया सम्मानित।

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर।

विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर नेपाल के तीन पुरोधा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। सम्मानित होने वाले में हिन्दी अभियानी रमन पांडेय, प्रेस स्वतंत्रता सेनानी तथा साहित्यकार स्व.राजेश्वर नेपाली तथा डॉ.राम दयाल राकेश हैं। रमण पांडेय विगत 33बर्षो से सिर्फ हिंदी ही वोलते है। 1990की दशक में सद्भावना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व.गजेन्द्र नारायण सिंह मधेशी के अधिकार के लिए सिंह दरवार घेराव किए थे । पुलिस ने बर्वरता पूर्वक लाठीचार्ज किए थे।रमन पांडेय भी सद्भावना पार्टी के भ्रातृ संगठन नेपाल बिद्यार्थी मंच के संस्थापक सदस्य थे।वे पुलिसिया जुल्म के शिकार हुए।वे हिंदी वोले तो पुलिस ने काफी गालियां दी।तव से आज तक हिंदी ही बोलते हैं। पिछले साल भी ऋषि धमला के टीवी शो में लाख कोशिश के बाबजूद हिंदी में ही इंटरव्यू दिए थे।यह शो नेपाल में काफी चर्चित हुए थे।


स्व.राजेश्वर नेपाली छात्र जीवन से ही राजतंत्र के बिरोध में कविता लिखते थे। इसके कारण कई बार जेल भी जाना पड़ा था।वे लोकमत साप्ताहिक हिंदी में चार दशकों से निकाल रहे हैं।वे एक दर्जन से अधिक हिंदी में पुस्तकें की रचना किए हैं। नेपाल हिन्दी प्रतिष्ठान का गठन किए हैं। नेपाल में 29वार राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन करवा चुके हैं। उन्हे मरणोपरांत सम्मानित किया गया है।
डा.राम दयाल राकेश,डा.गंगा प्रसाद अकेला,उषा सिंह भी नेपाल के जाने-माने हिंदी के साहित्यकार हैं। प्रशस्ति पत्र भारतीय दूतावास काठमांडू के डी.सी.एम.प्रसन्ना श्रीवास्तव के हाथों दिया गया।