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दिव्यांगजन सशक्तिकरण की मिसाल: दो दिव्यांगजन विवाह बंधन में बंधे

-दिव्यांगजन सशक्तिकरण की मिसाल: दो दिव्यांगजन विवाह बंधन में बंधे

मुजफ्फरपुर, 8 जुलाई। सामाजिक समरसता, समान अवसर और दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए बिहार एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स विथ डिसेबिलिटी (BAPWD) के प्रयास से दो दिव्यांगजन का विवाह तिरहुत प्रमंडल के प्रसिद्ध बाबा गरीब स्थान मंदिर में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर सचिन कुमार (ग्राम–रतवारा, थाना–पारू) और रूपा कुमारी (ग्राम–बसुआ, थाना–औराई) ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। समारोह दोनों परिवारों की सहमति और सामाजिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ।
सचिन कुमार की कहानी इस विवाह को और भी प्रेरणादायी बनाती है। उनके पिता रामेश्वर दास 100 प्रतिशत दिव्यांग हैं और परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है। ऐसे में सचिन वर्षों से स्वयं भोजन बनाकर अपने पिता की सेवा और देखभाल करते आ रहे हैं। उनकी जिम्मेदारी और सेवा-भावना को देखते हुए BAPWD की टीम ने दोनों परिवारों को जोड़ने का प्रयास किया, जो सफल रहा।


संगठन ने नवदंपति को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने और बिहार सरकार की मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के तहत मिलने वाली एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दिलाने के लिए आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया और प्रशासनिक सहयोग देने का भी संकल्प लिया है।
BAPWD ने कहा कि यह विवाह केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता, समान अवसर और सामाजिक समावेशन का सशक्त संदेश है। यदि समाज, सामाजिक संगठन और प्रशासन मिलकर सकारात्मक पहल करें, तो दिव्यांगजन भी सम्मानपूर्वक सफल पारिवारिक और सामाजिक जीवन जी सकते हैं।
समारोह में मौजूद समाजसेवियों, अतिथियों और स्थानीय लोगों ने नवदंपति को सुखद एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए इस पहल को दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी कदम बताया।