-दिवाली-छठ पर बिहार के लिए 5 से 20 नवंबर तक चलेंगी स्पेशल बसें, 1 नवंबर से ऑनलाइन बुकिंग
मुजफ्फरपुर। दिवाली और लोकआस्था के महापर्व छठ पर दूसरे राज्यों से बिहार आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) ने विशेष बसों के संचालन का निर्णय लिया है। आगामी 5 नवंबर से 20 नवंबर तक स्पेशल बसें चलाई जाएंगी। ये बसें मुजफ्फरपुर और पटना समेत राज्य के प्रमुख शहरों से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न रूटों पर संचालित होंगी। निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर 1 नवंबर से ऑनलाइन टिकट बुकिंग शुरू होगी।
पटना से दिल्ली तक का किराया निर्धारित:
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने फुलवारीशरीफ स्थित बीएसआरटीसी कार्यालय में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। यात्रियों को राहत देने के लिए किराए में सरकार की ओर से विशेष सब्सिडी भी दी जा रही है। सभी बसें आधुनिक एसी और डीलक्स श्रेणी की होंगी।

पटना से दिल्ली के लिए नॉन एसी सीटर का किराया 1,182 रुपये, नॉन एसी स्लीपर का 1,483 रुपये, एसी सीटर का 1,318 रुपये और एसी स्लीपर का किराया 1,935 रुपये निर्धारित किया गया है। अन्य जिलों से चलने वाली बसों का किराया दूरी के अनुसार अलग-अलग होगा।
चालक और संवाहकों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण:
यात्रियों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बस चालकों एवं संवाहकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डब्ल्यूआरआई इंडिया और सेफ्टी पिन एनजीओ के सहयोग से लैंगिक संवेदनशीलता और क्षमता संवर्धन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
निगम के प्रशासक अतुल वर्मा ने सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। यात्रा के दौरान बीच सड़क पर बस रोकने वाले चालकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।
प्रवासी बिहारियों को मिलेगी राहत:
त्योहारों के दौरान नियमित ट्रेनों और विमानों में टिकटों की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। ऐसे में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से बिहार लौटने वाले प्रवासियों को स्पेशल बसों से राहत मिलने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नए और संशोधित रूटों की विस्तृत सूची भी जल्द जारी की जाएगी, ताकि यात्री समय रहते अपनी यात्रा की योजना बना सकें।












