-आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल की सजा
-30 हजार का जुर्माना
मुजफ्फरपुर। जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में दोषी विकास कुमार को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कन्हौली का निवासी है। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-3 की पीठासीन न्यायाधीश नूर सुल्ताना की अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजीव रंजन राजू ने पक्ष रखा। अभियोजन ने अदालत में कुल 10 गवाहों को पेश किया। पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने विकास कुमार को दोषी करार दिया।

घर के दरवाजे पर खेल रही बच्ची को किया था अगवा:
मामले में पीड़िता की मां ने 17 मई 2022 को मुजफ्फरपुर महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, 16 मई 2022 को सकरा थाना क्षेत्र की रहने वाली आठ वर्षीय बच्ची अपने घर के दरवाजे पर खेल रही थी। इसी दौरान आरोपित विकास कुमार बाइक से वहां पहुंचा और बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
काफी खोजबीन के बाद परिजनों को घटना के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पीड़िता की मां ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
10 गवाहों की गवाही के बाद सुनाया फैसला:
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। सभी पक्षों को सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।












