-अतिक्रमित भूमि खाली कराने के फरमान के विरोध में प्रदर्शन, दो घंटे चक्का जाम
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। जनकपुरधाम के तालाब की अतिक्रमित भूमि पर बने घर और दुकानों को हटाने के लिए राज गुठी की ओर से एक सप्ताह के भीतर जगह खाली करने का फरमान जारी किए जाने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। इसके विरोध में जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका के वार्ड-14, रजौल के स्थानीय नागरिकों ने पिराड़ी चौक पर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया।
प्रदर्शन के कारण करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान अतिक्रमित भूमि पर घर और दुकान बनाकर रह रहे लोगों ने गुठी संस्थान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ और यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गुठी संस्थान की ओर से केवल गरीब और छोटे दुकानदारों को ही जमीन खाली करने का फरमान जारी किया जा रहा है, जबकि तालाब की भूमि पर बड़े-बड़े मकान और होटल बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सभी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई करने की मांग की।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिन जमीनों पर उन्होंने अपने घर बनाए हैं, उनके पास लालपुर्जा (जमीन के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज) भी मौजूद है। ऐसे में अचानक जमीन खाली करने का आदेश दिए जाने से उनके सामने आवास और रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से वर्ष 2046 के भूमि अधिनियम कानून को लागू करने तथा भूमि संबंधी विवाद का उचित समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब परिवारों को उजाड़ने से पहले उनके अधिकार और जमीन के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।














