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सात निश्चय-3 के तहत गायघाट, औराई व बोचहा में 1 जुलाई से शुरू होंगे डिग्री कॉलेज, तैयारियों में जुटा प्रशासन

-सात निश्चय-3 के तहत गायघाट, औराई व बोचहा में 1 जुलाई से शुरू होंगे डिग्री कॉलेज, तैयारियों में जुटा प्रशासन

मुजफ्फरपुर, 5 जून 2026। राज्य सरकार की सात निश्चय-3 (2025-30) योजना के अंतर्गत चतुर्थ निश्चय “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” को धरातल पर उतारने की दिशा में मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। योजना के तहत राज्य में स्थापित किए जा रहे 211 नए डिग्री महाविद्यालयों में जिले के गायघाट, औराई और बोचहा प्रखंड भी शामिल हैं, जहां 1 जुलाई 2026 से डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया जाएगा। इन महाविद्यालयों के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है।

ये डिग्री कॉलेज बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई के रूप में संचालित होंगे। प्रारंभिक चरण में हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान एवं समाजशास्त्र सहित छह विषयों में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घर के निकट उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

महाविद्यालयों में 1 जुलाई से पठन-पाठन शुरू कराने, भवनों की मरम्मत एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में तीनों प्रखंडों में डिग्री कॉलेज संचालन के लिए विद्यालयों का चयन कर लिया गया है। इन संस्थानों में भवन मरम्मत, फर्नीचर, शैक्षणिक संसाधन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी ताकि निर्धारित समय पर नियमित कक्षाएं शुरू हो सकें।

जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर भवनों की स्थिति का आकलन करें। उन्होंने भवन मरम्मत, कक्षाओं की उपलब्धता, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरतों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने को कहा।

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जिला योजना पदाधिकारी को आवश्यक सामग्री का प्राक्कलन तैयार कर शीघ्र निविदा प्रकाशित करने का निर्देश दिया। भवन मरम्मत एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्य कार्यपालक अभियंता के माध्यम से कराए जाएंगे। संपूर्ण कार्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए उप विकास आयुक्त को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।

ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब विद्यार्थियों को स्नातक शिक्षा के लिए शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। कॉलेज उनके घर से 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध होगा, जिससे समय और परिवहन खर्च दोनों की बचत होगी।

इस पहल से 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच होने से स्नातक स्तर पर नामांकन दर में भी वृद्धि होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में दूरी और सुरक्षा संबंधी कारणों से कई बार छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो जाती है। स्थानीय स्तर पर डिग्री कॉलेज उपलब्ध होने से अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा और बड़ी संख्या में छात्राएं स्नातक शिक्षा से जुड़ सकेंगी। इससे महिला शिक्षा को नया प्रोत्साहन मिलेगा और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

आर्थिक बोझ होगा कम

स्थानीय स्तर पर कॉलेज उपलब्ध होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को हॉस्टल, किराया, परिवहन तथा अन्य खर्चों से राहत मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने बच्चों को आसानी से स्नातक शिक्षा दिला सकेंगे। इससे शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

उच्च शिक्षा के लिए छात्रों का शहरों की ओर पलायन एक बड़ी समस्या रही है। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिलेगी, जिससे शैक्षणिक पलायन कम होगा। पढ़े-लिखे युवा अपने क्षेत्र में रहकर सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान दे सकेंगे।

शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला होती है। प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेजों की स्थापना से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि सामाजिक जागरूकता, डिजिटल साक्षरता और सरकारी योजनाओं की पहुंच भी बढ़ेगी। गायघाट, औराई एवं बोचहा में डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू होने से पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी तथा ग्रामीण युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खुलेंगे। 1 जुलाई से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने के साथ ही जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।