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सम्मानित तबला वादक विष्णुदेव भंडारी की हालत गंभीर

-सम्मानित तबला वादक विष्णुदेव भंडारी की हालत गंभीर

-कलाकारों ने सरकार से की आर्थिक मदद की मांग

समस्तीपुर। संवाददाता

समस्तीपुर जिले के प्रसिद्ध तबला वादक और सीताराम दांडेकर पुरस्कार से सम्मानित विष्णुदेव भंडारी इन दिनों गंभीर आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। पिछले छह महीनों से वे पक्षाघात (पश्चातघात) के शिकार हैं और इलाज के लिए भी उनके पास आवश्यक संसाधन नहीं हैं। कला-संस्कृति में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इस कलाकार की अनदेखी आज समाज और सरकार दोनों के लिए एक गंभीर सवाल बन चुकी है।

ताजपुर प्रखंड के छोटे से गाँव कस्बे आहर निवासी विष्णुदेव भंडारी अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं और जीवन भर संगीत साधना में लगे रहे। उन्होंने देश-विदेश में ध्रुपद और ख्याल गायन के बड़े घरानों—पंडित विदुर मल्लिक, पंडित राम कुमार मल्लिक, पंडित सीताराम दांडेकर—जैसे दिग्गज गायकों के साथ संगत की है।

जिले के कलाकार श्याम मोहन मिश्र, डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रभात कुमार तुलसी, गौरव कुमार सहित अन्य कलाकारों ने बिहार सरकार, विशेषकर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से अपील की है कि विष्णुदेव भंडारी को अविलंब आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

कलाकारों का कहना है कि जिन हाथों ने वर्षों तक तबले की थाप से संस्कृति को जीवंत रखा, आज वही हाथ इलाज के लिए मजबूरी में फैले हुए हैं। उनके पास न तो भोजन है, न वस्त्र और न ही इलाज का खर्च। एक ओर राज्य सरकार सामाजिक न्याय की बात करती है, वहीं दूसरी ओर एक सच्चा कलाकार मदद की आस में उपेक्षा झेल रहा है।

कलाकारों और बुद्धिजीवियों की ओर से मांग की गई है कि सरकार बिना विलंब किए इस दुर्लभ सांस्कृतिक धरोहर को जीवनदान दे।