-मुजफ्फरपुर में पहली बार कांवरियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा, ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा शहर
मुजफ्फरपुर। सावन के पहले सोमवार को मुजफ्फरपुर ने भक्ति और आस्था का एक ऐतिहासिक नजारा देखा। जिले में पहली बार कांवरियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। राज्य सरकार के निर्णय के तहत आयोजित इस पुष्पवर्षा ने कांवरियों के उत्साह को चरम पर पहुंचा दिया। आसमान से बरसते फूलों के बीच पूरा शहर ‘हर हर महादेव’ और ‘बाबा गरीबनाथ की जय’ के जयकारों से गूंज उठा।
हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा के लिए सोमवार सुबह सात बजे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन मौसम खराब रहने और आसमान में बादल छाए रहने के कारण उड़ान में देरी हुई। मौसम अनुकूल होने के बाद करीब साढ़े आठ बजे हेलीकॉप्टर ने पुष्पवर्षा शुरू की।
हरिसभा चौक, रामदयालु, बाबा गरीबनाथ मंदिर, साहू पोखर और जिला स्कूल के समीप कांवरियों पर आसमान से फूल बरसाए गए। सड़क पर मौजूद कांवरियों के साथ-साथ शहर के लोग भी अपने घरों की छतों पर खड़े होकर इस नजारे को देखने के लिए उमड़ पड़े।
फूलों की बारिश से बढ़ा कांवरियों का उत्साह
पुष्पवर्षा शुरू होते ही कांवरियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और बाबा गरीबनाथ के जयकारे लगाए। फूलों की बारिश और कांवरियों के विशाल जत्थे ने पूरे शहर के माहौल को भक्तिमय बना दिया।

पहलेजा घाट से जलबोझी कर बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने की परंपरा दशकों पुरानी है। हर वर्ष जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों और सेवा दलों की ओर से कांवरियों की सुविधा और सेवा के लिए कई तरह की व्यवस्थाएं की जाती हैं। हालांकि, इस बार पहली बार हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कराए जाने से कांवर यात्रा का दृश्य और भी खास हो गया।
प्रशासन ने पहले ही की थी माइकिंग:
कांवरिया मार्ग में जिला प्रशासन की ओर से माइकिंग के माध्यम से हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जानकारी भी दी गई थी। इससे कांवरियों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई थी। मौसम की वजह से निर्धारित समय पर पुष्पवर्षा नहीं हो सकी, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद मौसम साफ होने पर कार्यक्रम शुरू हुआ।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कांवर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाती रही है। मुजफ्फरपुर में पहली बार हुए इस आयोजन को लेकर कांवरियों और शहरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
सावन के पहले सोमवार को मुजफ्फरपुर में सड़कों पर कांवरियों का सैलाब और आसमान से बरसते फूल—यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया।












