-मानवता की मिसाल: मुजफ्फरपुर पुलिस के एएसआई ने घायल बच्चे की मदद कर पेश की इंसानियत की मिसाल
मुजफ्फरपुर। पुलिस की सख्ती और कार्रवाई से जुड़ी खबरें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन वर्दी के पीछे छिपी इंसानियत की तस्वीरें भी सामने आती रहती हैं। मुजफ्फरपुर में एक पुलिसकर्मी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए घायल बच्चे और उसके परेशान परिवार की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की।
घटना सावन की तीसरी सोमवारी से पहले शनिवार की है। भगवानपुर चौक पर एक दंपती अपने करीब पांच वर्षीय घायल बेटे को लेकर पटना जाने के लिए परेशान खड़ा था। दुर्घटना में बच्चे का पैर गंभीर रूप से घायल हो गया था। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे पटना रेफर किया था। सावन के कारण बदली यातायात व्यवस्था के बीच परिवार को पटना जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा था। आर्थिक परेशानी के कारण उनकी मुश्किल और बढ़ गई थी।
इसी दौरान सदर थाना की गश्ती टीम वहां पहुंची। एएसआई प्रवीण कुमार पांडेय ने परिवार की परेशानी देखी और रुककर उनकी पूरी बात सुनी।

बच्चे की हालत और परिवार की मजबूरी को समझते हुए उन्होंने तत्काल मदद का फैसला किया। उन्होंने अपने मोबाइल से रैपिडो बुक किया और उसका किराया भी अपनी जेब से देने की कोशिश की।
पुलिसकर्मी की इस पहल को देखकर रैपिडो चालक भी भावुक हो गया। उसने कहा, “सर, कुछ पुण्य कमाने का मौका हमें भी दीजिए।” इसके बाद चालक ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए परिवार को पटना पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई और सिर्फ ईंधन का खर्च लिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित किया कि वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी नहीं देती, बल्कि जरूरतमंदों के साथ खड़े होने का फर्ज भी सिखाती है। एएसआई प्रवीण कुमार पांडेय की संवेदनशील पहल और रैपिडो चालक की दरियादिली ने पुलिस और आम नागरिक के बीच इंसानियत की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की।
ऐसे छोटे-छोटे प्रयास ही समाज में भरोसा और संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस के इस मानवीय चेहरे की सोशल मीडिया पर भी सराहना हो रही है।












