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अधूरी पढ़ाई पूरी कर आगे बढ़ने का संकल्प, जीविका दीदियों ने साझा किए अनुभव

-अधूरी पढ़ाई पूरी कर आगे बढ़ने का संकल्प, जीविका दीदियों ने साझा किए अनुभव

मुजफ्फरपुर। गोबरसही स्थित संगम सीएलएफ में जीविका की एलुमनायी दीदियों की प्रेरणादायक बैठक आयोजित की गयी। इसमें मुशहरी, सकरा, कांटी, मड़वन, बोचहां, मोतीपुर, बंदरा और सरैया समेत विभिन्न क्षेत्रों की जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सेकंड चांस कार्यक्रम से जुड़ी पुरानी छात्राओं के साथ नये सत्र 2026-27 में दसवीं की पढ़ाई शुरू करने वाली न्यू मोबीलाइज्ड दीदियां भी शामिल हुईं।
बैठक के दौरान प्रत्येक दीदी ने सेकंड चांस कार्यक्रम से जुड़ने के बाद मिले अवसर और अपने अनुभव साझा किए। 2023-24 बैच की आशा दीदी ने बताया कि उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से मेहनत कर दसवीं की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने कहा कि परिवार और अन्य जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन सेकंड चांस कार्यक्रम ने उन्हें दोबारा शिक्षा से जुड़ने का अवसर दिया। उन्होंने इस पहल को अपने लिए वरदान बताते हुए जीविका और सेकंड चांस टीम के सहयोग के प्रति आभार जताया।


वहीं किरण ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि सेकंड चांस कार्यक्रम से जुड़ने के बाद उन्होंने प्रथम श्रेणी से दसवीं की परीक्षा पास की। इसके बाद पढ़ाई जारी रखते हुए 12वीं की परीक्षा भी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। उनकी सफलता बैठक में शामिल अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और लगातार सहयोग मिलने से उम्र या पारिवारिक जिम्मेदारियां शिक्षा के रास्ते में स्थायी बाधा नहीं बन सकतीं।
बैठक में नये सत्र में सेकंड चांस कार्यक्रम से जुड़ने वाली महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और पुरानी छात्राओं से प्रेरणा ली। कार्यक्रम में शिक्षक संजय कुमार, दिनेश कुमार और यामिनी मौजूद रहे।
सभी दीदियों ने सेकंड चांस कार्यक्रम के शिक्षण कौशल, सहयोग और महिलाओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को अधूरी पढ़ाई पूरी करने के साथ आत्मविश्वास हासिल करने और जीवन में आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।