-भारतीय समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंच परिवर्तन आवश्यक : उमेश रंजन
भागलपुर। भारती शिक्षा समिति बिहार एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में सैनिक स्कूल गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, नरगाकोठी में आयोजित नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के ग्यारहवें दिन का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दक्षिण बिहार के प्रांत प्रचारक उमेश रंजन, वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह तथा गयाजी विभाग के विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता उमेश रंजन ने कहा कि भारतीय समाज में सकारात्मक परिवर्तन और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा “पंच परिवर्तन” का आह्वान किया गया है। उन्होंने बताया कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध तथा नागरिक कर्तव्य इसके पांच प्रमुख आयाम हैं।
उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक समरसता स्थापित करना समय की आवश्यकता है। साथ ही भारतीय परिवार व्यवस्था की प्राचीन परंपराओं को मजबूत करते हुए परिवारों में संवाद, संस्कार और संवेदनशीलता विकसित करनी होगी, जिससे समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत बन सकें।

पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे लगाना, जल संरक्षण करना तथा प्लास्टिक के उपयोग से बचना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इसके साथ ही अपनी संस्कृति, भाषा और विरासत पर गर्व करने तथा अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने की भी आवश्यकता है।
उमेश रंजन ने कहा कि इन्हीं पांच परिवर्तनों के आधार पर भारत को विकसित, आत्मनिर्भर, संस्कारित और समरस राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
प्रशिक्षण वर्ग के दौरान प्रशिक्षणार्थी आचार्यों द्वारा पाठ योजना निर्माण का कार्य किया गया, जिसका प्रस्तुतिकरण 4 जून को किया जाएगा। कार्यक्रम में अतिथियों का परिचय उमाशंकर पोद्दार ने कराया।
इस अवसर पर ब्रह्मदेव प्रसाद, लाल बाबू प्रसाद, वीरेंद्र कुमार, डॉ. रमेश मणि पाठक, गंगा चौधरी, परमेश्वर कुमार, छठ्ठू साह, संजीव कुमार सिन्हा, शैलेंद्र तिवारी, जयंत चौधरी, मनमोहन ठाकुर, साकेत कुमार, शंभू कुमार, सुशील कुमार, शशि भूषण मिश्र, रिचा कुमारी, सुप्रिया कुमारी, वंदना पांडेय सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित रहे।












