-बीएमडी महाविद्यालय में आतंकवाद विरोधी दिवस का आयोजन, युवाओं को जागरूक करने पर दिया गया जोर
राजापाकर-संजय श्रीवास्तव। बीएमडी महाविद्यालय, दयालपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में आतंकवाद विरोधी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित ने की, जबकि मंच संचालन कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रवि रंजन कुमार ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन संबोधन के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने आतंकवाद के बढ़ते स्वरूप और उससे समाज व देश को होने वाले नुकसान पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जया चौधरी ने कहा कि आतंकवाद देश और समाज के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के कारण अपने कई बड़े नेताओं को खो चुका है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज पढ़े-लिखे युवाओं को भी भटकाकर आतंकवादी संगठनों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जो देश के लिए चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने युवाओं से जागरूक रहने और गलत रास्ते से दूर रहने की अपील की।

प्राचार्य डॉ. तारकेश्वर पंडित ने अपने संबोधन में कहा कि आतंक का अर्थ भय पैदा करना होता है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति या संगठन भय का माहौल बनाकर लोगों को अपनी सोच के अनुसार चलने के लिए मजबूर करता है, तो वह आतंकवाद का रूप ले लेता है। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक देश के प्रति निष्ठावान, जिम्मेदार और ईमानदार बनें, तो आतंकवाद जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद अब केवल हथियारों तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर अपराध, आर्थिक नुकसान पहुंचाना और सरकारी संपत्तियों को क्षति पहुंचाना भी आधुनिक दौर में आतंक फैलाने के तरीके बनते जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सौरव कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर छात्रा खुशी कुमारी, गौरी कुमारी, अनीशा कुमारी तथा छात्र सचिन कुमार ने भी अपने विचार रखे और आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने समाज में शांति, सद्भाव और जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।












