-दादर पुल पर लगा बैरिकेड 24 घंटे में टूटा, तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर। बूढ़ी गंडक नदी पर स्थित जर्जर दादर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाया गया बैरिकेड 24 घंटे भी नहीं टिक सका। बुधवार शाम सुरक्षा के मद्देनजर लगाए गए अवरोधक को देर रात एक तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया और चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पुल की सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पुल निर्माण निगम की ओर से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने के लिए बुधवार शाम बैरिकेडिंग की गई थी। लेकिन देर रात किसी भारी वाहन की जोरदार टक्कर से बैरिकेड बीच से टूट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि संबंधित वाहन का अगला शीशा भी चकनाचूर हो गया। हालांकि चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। गुरुवार सुबह मामले की जानकारी पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता आलोक कुमार को दी गई।

सूचना मिलने के बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त बैरिकेड की मरम्मत कराई गई। टूटे हुए हिस्से को वेल्डिंग कर दोबारा जोड़ा गया, जिसके बाद पुल पर भारी वाहनों के आवागमन को फिर से रोक दिया गया।
गौरतलब है कि दादर पुल की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है और इसकी मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किया जाना है। आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने इस पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में बैरिकेडिंग की गई थी।
जानकारी के अनुसार, पुल की मरम्मत का कार्य करीब छह माह तक चलेगा। इस अवधि में भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है। चांदनी चौक की ओर से आने वाले वाहन नीचे के मार्ग से गुजरेंगे, जबकि बखरी की ओर से आने वाले वाहनों को फोरलेन मार्ग का उपयोग करना होगा।
वहीं, स्थानीय लोगों ने बैरिकेड की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अवरोधक में निम्न गुणवत्ता के लोहे का इस्तेमाल किया गया था, जिसके कारण वह एक ही टक्कर में टूट गया। हालांकि इस संबंध में पुल निर्माण निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रशासन का कहना है कि जर्जर पुल पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी संभावित बड़े हादसे को टाला जा सके।













