-ठंड व कनकनी से बचाव के लिए रहें सतर्क और सावधान : डॉ पुष्कर
– गर्म कपड़े का करें उपयोग, सर्द हवाओं से रहें दूर : डॉ विश्वनाथ तिवारी
मोतिहारी/ राजन द्विवेदी।
लगातार चल रही पछुआ हवा के कारण तापमान में गिरावट आ रही है। जिसके कारण ठंड और कनकनी में भी बेतहाशा वृद्धि है। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ती दिख रही है। ऐसे में हर किसी को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। ताकि किसी प्रकार की लापरवाही के कारण अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। वहीं, इस बदलते मौसम व बढ़ती ठंड में ठंडजनित बीमारी से बचाव के लिए सुरक्षा के मद्देनजर हर किसी को विशेष सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर ऐसे मौसम में घर के बच्चे एवं बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। दरअसल, बच्चे और बुजुर्गों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता युवाओं एवं सामान्य लोगों के सापेक्ष कमजोर होती है। जिसके कारण बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्गों की स्वास्थ्य से संबंधित परेशानी बढ़ने की प्रबल संभावना रहती है।

– बढ़ती ठंड से हर आयु वर्ग के लोगों को रहना चाहिए सतर्क और सावधान :
चिकित्सक सह सेवानिवृत्त सिविल सर्जन डॉ विश्वनाथ तिवारी एवं शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ पुष्कर कुमार सिंह ने बताया कि बढ़ती ठंड के मौसम में लापरवाही बरतने पर किसी भी आयु वर्ग के लोग ठंडजनित बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। वर्तमान समय में तो ठंड के साथ-साथ मौसमी बीमारियों का भी दौर चल रहा है। इसलिए,बचाव के लिए सुरक्षा के मद्देनजर हर आयु वर्ग के लोगों को विशेष सावधान और सतर्क रहना चाहिए तथा घर के बच्चे व बुजुर्ग सदस्यों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
इस बढ़ती ठंड में स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह सजग रहें और बचाव के लिए उपयुक्त गर्म कपड़े का उपयोग करें। जो ठंड से बचाव करने में पूरी तरह प्रभावी हो। इसके साथ ही सर्द हवाओं से दूर रहें एवं नियमित रूप से धूप लगाएँ। कमरे का तापमान सामान्य रखें। इसके लिए हीटर सहित अन्य व्यवस्था को अपनाएं।
इस ठंड के मौसम में गर्म व ताजा खाना का ही सेवन करें और बासी खाना से बिलकुल दूर रहें। इससे आपके शरीर को ऊर्जा की प्राप्ति होगी और ठंड से भी बचाव होगा। इसके अलावा भूखे पेट नहीं रहें। हर हाल में समय पर खाना खाएं। दरअसल, भूखे पेट रहने पर ठंड अधिक लगती है। जिससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है।















