-छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर डीएम सख्त, खतरनाक घाटों की सूची सार्वजनिक करने का निर्देश
-13 से 16 नवंबर तक मनेगा छठ महापर्व, घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता, रोशनी और चिकित्सा व्यवस्था रहेगी प्राथमिकता
मुजफ्फरपुर। छठ महापर्व, 2026 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर जिलाधिकारी कुमार गौरव ने बुधवार को समाहरणालय सभागार में प्रखंडवार, नगर निकायवार एवं विभागवार तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि छठ महापर्व का आयोजन पूरी तरह दुर्घटनारहित, सुरक्षित एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ, सीओ, बीडीओ एवं थानाध्यक्षों को नियमित रूप से घाटों का संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष नदियों में जलस्तर काफी बढ़ा था और कई स्थानों पर नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया है। ऐसे में घाटों की भौगोलिक स्थिति और जलस्तर में बदलाव की प्रवृत्ति को ध्यान में रखकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। स्थानीय निवासियों से भी सुझाव लेकर खतरनाक एवं अनुपयुक्त घाटों को चिह्नित किया जाए तथा उनकी सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित घाटों पर ही अर्घ्य दे सकें।
उन्होंने कहा कि छठ लोक आस्था का महापर्व है। इस अवसर पर दूसरे राज्यों और शहरों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और सुचारू यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
डीएम ने शहरी क्षेत्रों में घाटों की तैयारी की जिम्मेदारी नगर निकायों को सौंपी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ को तैयारियों की निगरानी करने का निर्देश दिया। घाटों पर बैरिकेडिंग, वाच टावर, नियंत्रण कक्ष, सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, यूरिनल, चेंजिंग रूम, शेड और पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। घाटों एवं संपर्क पथों की सफाई तथा सड़कों की मरम्मत भी समय से पूरी करने का निर्देश दिया गया।

गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, लखनदेई सहित अन्य नदियों, पोखरों और तालाबों के घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। रेलवे लाइन के आसपास स्थित तालाबों एवं घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस बल और चौकीदारों की प्रतिनियुक्ति होगी। रेलवे स्टेशनों के आसपास भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, अतिरिक्त परिवहन एवं पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
चिकित्सा व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस, चिकित्सक और पारा मेडिकल कर्मियों की तैनाती होगी। आपदा प्रबंधन के तहत एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। घाटों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे। सिविल डिफेंस के कर्मी भी मुस्तैद रहेंगे।
तैयारियों की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय छठ पर्व कोषांग सक्रिय रहेगा। उप विकास आयुक्त इसके वरीय नोडल पदाधिकारी होंगे, जबकि अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था नोडल पदाधिकारी की जिम्मेदारी निभाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि वे स्वयं वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ विभिन्न घाटों और क्षेत्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लेंगे।
गौरतलब है कि इस वर्ष छठ महापर्व 13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा। 13 नवंबर को नहाय-खाय, 14 नवंबर को खरना, 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को प्रातः अर्घ्य दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी विभागों एवं संबंधित स्टेकहोल्डरों को टीम भावना और आपसी समन्वय के साथ समय सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है।










