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नवपंजीकृत अधिवक्ताओं को अब मिलेंगे 5 हजार रुपये प्रतिमाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्टाइपेंड योजना का किया शुभारंभ

-नवपंजीकृत अधिवक्ताओं को अब मिलेंगे 5 हजार रुपये प्रतिमाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्टाइपेंड योजना का किया शुभारंभ

-युवा वकीलों को आर्थिक संबल देकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल
-पटना हाईकोर्ट परिसर में स्व. रामबालक महतो स्मृति सभागार का भी उद्घाटन

पटना, 4 नवंबर(दीपक कुमार तिवारी)। बिहार में विधि के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने वाले युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देने के लिए राज्य सरकार ने स्टाइपेंड योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान (एलएन मिश्र इंस्टीट्यूट), पटना में नवपंजीकृत अधिवक्ताओं के लिए इस योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत युवा अधिवक्ताओं को प्रतिमाह पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।


योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने लाभार्थी नवपंजीकृत अधिवक्ताओं को पांच हजार रुपये प्रतिमाह की राशि के चेक प्रदान किए। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य युवा अधिवक्ताओं को शुरुआती दौर में आर्थिक संबल उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इससे विधि के क्षेत्र में अपना पेशेवर सफर शुरू करने वाले नए अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने पटना उच्च न्यायालय परिसर में स्वर्गीय रामबालक महतो स्मृति सभागार का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने स्व. रामबालक महतो के छायाचित्र का अनावरण किया और उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में महाधिवक्ता एसडी संजय ने मुख्यमंत्री एवं पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिजेंद्र प्रसाद यादव, पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव, न्यायाधीश सुधीर सिंह एवं राजीव रंजन प्रसाद, विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, विधायक रत्नेश कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, एलएन मिश्र इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. एन. विजयालक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, अधिवक्ता और गणमान्य लोग उपस्थित थे।