-कांटी के मिठनसराय माधोपुर में बड़ा हादसा: पीपल की टहनी गिरने से दो बच्चों की मौत, आठ घायल
मुजफ्फरपुर। कांटी अंचल क्षेत्र के लसगरीपुर पंचायत अंतर्गत मिठनसराय माधोपुर वार्ड-11 में सोमवार को ब्रह्मपूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। पूजा स्थल के समीप स्थित पीपल के पेड़ की भारी टहनी अचानक टूटकर गिर गई, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों की पहचान सोनू कुमार (14 वर्ष), पिता- किशोर साह तथा अनन्या कुमारी (8 वर्ष), पिता- दिलीप साह के रूप में हुई है। वहीं घायलों में राजा प्रताप सिंह (52 वर्ष), हेमंत झा (50 वर्ष), जंग बहादुर सिंह (70 वर्ष), संस्कार कुमार (7 वर्ष), अभिषेक कुमार (7 वर्ष), काजल कुमारी (9 वर्ष), ज्योति कुमारी (10 वर्ष) और अंशु कुमारी (8 वर्ष) शामिल हैं। सभी घायल मिठनसराय माधोपुर गांव के निवासी बताए गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव में प्रत्येक वर्ष ब्रह्मपूजा का आयोजन होता है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पूजा में शामिल हुए थे। इसी दौरान पीपल के पेड़ की भारी टहनी अचानक टूटकर गिर पड़ी, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए।

सूचना मिलते ही अहियापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। दोनों मृत बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया, जबकि सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।
घटना की जानकारी स्थानीय मुखिया इंद्र मोहन झा ने क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री ई. अजीत कुमार को दी। उस समय विधायक बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में भाग ले रहे थे। सूचना मिलते ही उन्होंने दूरभाष पर जिलाधिकारी कुमार गौरव से बात कर तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर भेजने तथा राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का आग्रह किया। इसके बाद वे विधानसभा से सीधे घटनास्थल के लिए रवाना हुए और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
विधायक अजीत कुमार ने घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए कहा कि मृतक बच्चों के परिजनों को सरकारी मुआवजा दिलाने तथा सभी घायलों को भी सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद कांटी अंचलाधिकारी मुकेश कुमार एवं अहियापुर थानाध्यक्ष शरत कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। मृतक बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं घायलों के परिवारों में भी गहरा शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।











