-हाथ-पैर टूटे, पर हौसला नहीं: पलंग पर लेटे-लेटे परीक्षा देकर शुभराज ने हासिल किए 350 अंक, गांव का बढ़ाया मान
बोचहां/मुजफ्फरपुर | मुमताज आलम
“मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है…” — इस कहावत को सच कर दिखाया है बोचहां प्रखंड के रोशी गांव निवासी होनहार छात्र शुभराज कुमार ने। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने ऐसा साहस दिखाया, जो हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है।
शुभराज, जो भोला राय के पुत्र हैं, मैट्रिक परीक्षा से ठीक पहले एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इस हादसे में उनके हाथ और पैर दोनों फ्रैक्चर हो गए। डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह बेड रेस्ट की सलाह दी थी। ऐसे में जहां अन्य छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, वहीं शुभराज असहनीय दर्द के बीच पलंग पर लेटे हुए थे।

परिस्थितियां बेहद कठिन थीं, लेकिन शुभराज ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने दर्द को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बना लिया। हाथ-पैर में प्लास्टर होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। जब दर्द बढ़ता, तो थोड़ी देर आराम कर फिर किताबों में जुट जाते। उनके मन में एक ही लक्ष्य था—अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन करना।
जब मैट्रिक परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ, तो पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शुभराज ने 350 अंक हासिल कर सभी को चौंका दिया। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।
शुभराज ने बताया कि उनका सपना आगे चलकर इंजीनियर बनना है और देश की सेवा करना है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे रोशी गांव में गर्व का माहौल है।
गांव की सरपंच नगीना खातून ने शुभराज की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता पूरे गांव के लिए प्रेरणा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर हौसला मजबूत हो, तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
शुभराज की कहानी उन सभी छात्रों के लिए एक मिसाल है, जो छोटी-छोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं। उन्होंने यह सिखाया है कि कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों को नहीं छोड़ना चाहिए। पूरे क्षेत्र को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।













