-सोनपुर रेल मंडल में अब 8 घंटे ही ड्यूटी करेंगे ट्रैफिक गेट कर्मी, 65 मुद्दों पर बनी सहमति
मुजफ्फरपुर। सोनपुर रेल मंडल में कर्मचारियों से निर्धारित आठ घंटे के रोस्टर के विपरीत 12 घंटे तक काम कराने की व्यवस्था बंद होगी। ट्रैफिक गेटों पर तैनात कर्मचारियों से अधिकतम आठ घंटे ही ड्यूटी ली जाएगी। कर्मचारियों की कमी के कारण अतिरिक्त समय तक काम कराने की स्थिति में नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही रनिंग कर्मचारियों के लंबित ओवरटाइम भत्ते का भी शीघ्र निपटारा किया जाएगा।
ये अहम निर्णय सोनपुर रेल मंडल की तीसरी स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में लिए गए। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अमित सरन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रेल प्रशासन और ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ईसीआरईयू) के बीच कर्मचारियों से जुड़े कुल 65 मुद्दों पर चर्चा हुई। यूनियन के अनुसार, इनमें से 29 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
मुजफ्फरपुर-सोनपुर क्रू लॉबी हटाने के प्रस्ताव पर रोक:
यूनियन के विरोध के बाद मुजफ्फरपुर जंक्शन से सोनपुर के बीच संचालित क्रू लॉबी को हटाने के प्रस्ताव पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। मंडल प्रशासन इसे स्थायी रूप से चालू रखने के लिए जोनल मुख्यालय को प्रस्ताव भेजेगा।

बैठक में एक ही साइनिंग ऑन के आधार पर चालकों से दो-दो ट्रेनें चलवाने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से बंद करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा गार्ड संवर्ग में लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्णय लिया गया। सहायक लोको पायलट से वरिष्ठ सहायक लोको पायलट और मुख्य लोको पायलट के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया भी निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएगी।
स्टेशन मास्टरों के लिए बनेगा नया नाइट ड्यूटी रोस्टर:
स्टेशन मास्टरों से लगातार अधिक रात्रि ड्यूटी लिए जाने की समस्या दूर करने के लिए दो नाइट ड्यूटी वाला नया रोस्टर तैयार किया जाएगा। बैठक में कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को कम करने के उद्देश्य से आठ घंटे की शिफ्ट और सप्ताह में दो साप्ताहिक विश्राम की व्यवस्था लागू करने पर भी सहमति बनी।
इन फैसलों से रेल कर्मचारियों को निर्धारित कार्य अवधि, ओवरटाइम भुगतान और पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलने की उम्मीद है। बैठक में तय मुद्दों पर अमल से कर्मचारियों की कार्यस्थितियों में सुधार लाने पर जोर दिया गया।













