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सारण में उच्च योग्यताधारी शिक्षकों की होगी पहचान, शिक्षा विभाग तैयार करेगा विशेष डेटाबेस

-सारण में उच्च योग्यताधारी शिक्षकों की होगी पहचान, शिक्षा विभाग तैयार करेगा विशेष डेटाबेस

सारण। शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत, प्रभावी और गुणवत्ता आधारित बनाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके तहत सारण जिले के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पीएचडी, नेट (NET) और जेआरएफ (JRF) जैसी उच्च शैक्षणिक अर्हता प्राप्त शिक्षकों की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया से न केवल योग्य शिक्षकों का व्यापक डेटाबेस तैयार होगा, बल्कि भविष्य में उच्च शिक्षा संस्थानों में उनकी सेवाओं के उपयोग का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने जिले के सभी प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अपने-अपने विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों का संपूर्ण विवरण निर्धारित प्रपत्र में शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है। निर्देश जारी होने के बाद विद्यालय स्तर पर जानकारी संकलित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।


बताया गया है कि यह कार्रवाई उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के निर्देशों के आलोक में की जा रही है। विभाग का उद्देश्य कक्षा 9 से 12 तक के विद्यालयों में कार्यरत उन शिक्षकों की पहचान करना है, जिन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के अनुरूप नेट, जेआरएफ अथवा पीएचडी की योग्यता प्राप्त की है। इन शिक्षकों का केंद्रीकृत डाटा तैयार कर आगे की शैक्षणिक योजनाओं को प्रभावी रूप देने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, तैयार की जा रही यह सूची नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में योग्य शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों में अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास तथा समाजशास्त्र जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षकों का विवरण विशेष रूप से मांगा गया है। सभी विद्यालयों को समय सीमा के भीतर अर्हता प्राप्त शिक्षकों की अद्यतन जानकारी जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी तथा संकलित सूची उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी।
शिक्षा जगत के जानकार इस पहल को एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि योग्य और शोध आधारित शिक्षकों की पहचान एवं बेहतर उपयोग से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा शिक्षा की गुणवत्ता में दीर्घकालिक सुधार संभव हो सकेगा।