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समस्तीपुर की बेटी अंजलि सिंह ने रचा इतिहास, देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक बनकर मॉस्को से लौटीं वतन

-समस्तीपुर की बेटी अंजलि सिंह ने रचा इतिहास, देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक बनकर मॉस्को से लौटीं वतन

समस्तीपुर। जिले के वारिसनगर प्रखंड के मकसूदपुर गांव की बेटी और भारतीय वायुसेना की अधिकारी विंग कमांडर अंजलि सिंह (डिंपल) ने देश और जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। अंजलि सिंह देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक के रूप में विदेश में भारतीय मिशन के तहत तैनात होकर अब वतन लौट आई हैं। उनकी उपलब्धि को भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

मिग-29 लड़ाकू विमान की इंजीनियर रहीं अंजलि सिंह की वर्ष 2019 में मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में तैनाती हुई थी। सैन्य राजनयिक के रूप में उन्होंने भारत और रूस के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली अंजलि की सफलता ने समस्तीपुर के लोगों को गौरवान्वित किया है।

44 वर्षीय अंजलि सिंह अपने पिता सेवानिवृत्त फ्लाइट लेफ्टिनेंट मदन प्रसाद सिंह को अपना रोल मॉडल मानती हैं। बचपन से ही उनका सपना भारतीय सेना में शामिल होने का था। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान टेलीविजन पर प्रसारित युद्ध की तस्वीरों ने उनके मन में देशसेवा का जज्बा और मजबूत कर दिया। उन्होंने उसी समय भारतीय वायुसेना में शामिल होने का संकल्प लिया था।

अंजलि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जालंधर से की, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई नासिक से पूरी की। इसके बाद उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। उत्तर प्रदेश के कोटद्वार में करीब दो वर्षों तक निजी क्षेत्र में नौकरी करने के बाद वर्ष 2002 में उनका चयन भारतीय वायुसेना में हुआ।

वायुसेना में अपनी तकनीकी दक्षता और समर्पण के दम पर उन्होंने मिग-29 लड़ाकू विमान के इंजीनियर के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बाद सैन्य राजनयिक के रूप में विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने देश की बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक मिसाल कायम की है।

अंजलि सिंह की उपलब्धि पर उनके पैतृक गांव मकसूदपुर समेत पूरे समस्तीपुर में गर्व और खुशी का माहौल है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और देशसेवा का जुनून हो तो छोटे से गांव की बेटी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ा सकती है।