-संघर्ष की तपिश में तपकर ज्ञान का दीप बने आर.के. मेहतो: कुमार संदीप
मुजफ्फरपुर। संघर्ष और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई इबारत लिखने वाले अंग्रेज़ी शिक्षक आर.के. मेहतो आज हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। मुजफ्फरपुर के युवा साहित्यकार कुमार संदीप ने उनके व्यक्तित्व और संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आर.के. मेहतो का जीवन इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी दृढ़ संकल्प रखने वाले व्यक्ति की राह नहीं रोक सकतीं।
कुमार संदीप ने बताया कि बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में 15 अप्रैल 1994 को जन्मे आर.के. मेहतो का बचपन आर्थिक अभावों और पारिवारिक चुनौतियों के बीच बीता। पिता की अस्वस्थता और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें मजदूरी सहित कई छोटे-बड़े कार्य करने पड़े, लेकिन उन्होंने शिक्षा का दामन नहीं छोड़ा।
उन्होंने बताया कि जिस अंग्रेज़ी विषय में आर.के. मेहतो कभी दसवीं कक्षा में असफल हुए थे, उसी विषय को उन्होंने अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के बल पर उन्होंने स्वयं को इस मुकाम तक पहुंचाया कि आज वे हजारों विद्यार्थियों के लोकप्रिय अंग्रेज़ी शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान उन्होंने पढ़ाई, शिक्षण और आत्म-अध्ययन के बीच संतुलन बनाए रखा। वर्तमान में वे देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक मंच “Rojgar with Ankit” पर अंग्रेज़ी विषय के चर्चित शिक्षकों में शामिल हैं और अपनी सरल, प्रभावशाली तथा प्रेरणादायी शिक्षण शैली से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
कुमार संदीप ने कहा कि आर.के. मेहतो केवल अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और संघर्ष करने का साहस भी विकसित करते हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की नई शुरुआत होती है।
उन्होंने कहा कि आर.के. मेहतो आज युवाओं के लिए संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा के जीवंत प्रतीक हैं। उनके ज्ञान, संस्कार और शिक्षण से आने वाली पीढ़ियां निरंतर प्रेरणा प्राप्त करती रहें, यही सभी की शुभकामना है।












