-शराब के खिलाफ उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, कार-पिकअप और शौचालय से भारी खेप बरामद; तीन गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर। जिले में शराब के खिलाफ उत्पाद विभाग की टीम ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए कार, पिकअप वैन और शौचालय से भारी मात्रा में शराब की खेप बरामद की है। कार्रवाई के दौरान अंतरजिला शराब गिरोह से जुड़े एक धंधेबाज समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने बताया कि जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई।
पहली कार्रवाई सकरा थाना क्षेत्र के बाजी चौक के समीप सब इंस्पेक्टर चंदन कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम ने हरियाणा नंबर की एक पिकअप वैन को रोककर तलाशी ली, जिसमें से 10 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की गई। मौके से हरियाणा के सोनीपत निवासी अजय कुमार और वैशाली निवासी मोहम्मद जियाउल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वे हरियाणा से शराब की खेप लेकर मुजफ्फरपुर में आपूर्ति करने पहुंचे थे। दोनों ने पूर्व में भी कई बार शराब की खेप पहुंचाने की बात स्वीकार की है। दोनों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

उत्पाद विभाग की दूसरी कार्रवाई कुढ़नी थाना क्षेत्र के मनकौली में सब इंस्पेक्टर तारकेश्वर पांडेय के नेतृत्व में की गई। यहां टीम ने एक कार को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के अंदर बना तहखाना मिला, जिसमें छिपाकर रखी गई अंग्रेजी शराब की खेप बरामद की गई। मौके से कार चालक चंद्रदीप मांझी को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे शराब की खेप के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
वहीं, तीसरी कार्रवाई कांटी थाना क्षेत्र के सरमस्तपुर में की गई। उत्पाद विभाग की टीम ने प्रकाश कुमार के घर पर छापेमारी की। इस दौरान उसके घर के शौचालय से 28 कार्टन शराब बरामद की गई। हालांकि, टीम के पहुंचते ही शराब कारोबारी प्रकाश कुमार मौके से फरार हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह दूसरे प्रदेश से शराब की खेप मंगाकर इलाके में इसकी आपूर्ति करता था।
उत्पाद विभाग ने फरार प्रकाश कुमार के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। वहीं, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर शराब की तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जब्त शराब और वाहनों के संबंध में भी उत्पाद विभाग की टीम आगे की जांच में जुटी है।












