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मॉडल स्कूल बनने के बाद नामांकन पर संकट, राजापाकर में सैकड़ों छात्र-छात्राएं हुए वंचित

-मॉडल स्कूल बनने के बाद नामांकन पर संकट, राजापाकर में सैकड़ों छात्र-छात्राएं हुए वंचित

संजय श्रीवास्तव | राजापाकर
राजापाकर प्रखंड स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को शिक्षा विभाग द्वारा मॉडल स्कूल घोषित किए जाने के बाद अब नामांकन को लेकर गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। वर्ग नवम में प्रवेश के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा (इंट्रेंस टेस्ट) के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नामांकन से वंचित रह गए हैं।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग ने मॉडल स्कूल में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा अनिवार्य कर दी थी, लेकिन इस परीक्षा को लेकर न तो पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया गया और न ही अभिभावकों व छात्रों को समय रहते इसकी जानकारी मिल सकी। परिणामस्वरूप, बहुत कम छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें से सीमित संख्या में ही चयन हो पाया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने बताया कि विभागीय निर्देशानुसार केवल प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों का ही नामांकन नवम वर्ग में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लगभग 45 छात्रों के नामांकन का निर्देश प्राप्त हुआ है और सामान्य रूप से अन्य छात्रों का नामांकन फिलहाल संभव नहीं है।


इस स्थिति ने स्थानीय अभिभावकों और छात्रों के सामने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। हर वर्ष पास के राजकीय मध्य विद्यालय से करीब 300 छात्र-छात्राएं इसी विद्यालय में नवम वर्ग में नामांकन लेते थे, लेकिन इस बार उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया गया है। प्रखंड में इस विद्यालय के अलावा कोई अन्य उच्च विद्यालय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं, खासकर लड़कियों को दूसरे पंचायतों में नामांकन कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नामांकन नहीं होने से नाराज अभिभावकों ने आक्रोश व्यक्त किया है और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। अभिभावक राम अवतार शाह, नरेश दास, नागेश्वर शाह, दीपक कुमार, राजेश कुमार, दीप रामनाथ सिंह समेत कई लोगों ने जिला पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली से इस समस्या का जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि अभिभावकों की समस्या से विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। विभाग से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही आगे नामांकन की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।