-मेहसी में बरसेगा 18 वें लीचीपुरम उत्सव का रंग
-30 व 31 मई को होगा दो दिवसीय महाआयोजन
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
पूर्वी चंपारण जिले के मेहसी की सांस्कृतिक पहचान बन चुका लीचीपुरम उत्सव इस वर्ष और भी भव्य स्वरूप में नजर आएगा। इसी को लेकर आज मेहसी स्थित मोहब्बत छपरा में समिति के अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता के आवास पर लीचीपुरम उत्सव समिति की अहम बैठक हुई । जिसकी अध्यक्षता सत्यदेव राय आर्य ने की, जबकि संचालन महासचिव सुदिष्ट नारायण ठाकुर ने किया।
बैठक में उत्सव की तिथियों पर मुहर लगाते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 30 और 31 मई को ऐतिहासिक तिरहुत उच्च विद्यालय, मेहसी के प्रांगण में दो दिवसीय लीचीपुरम उत्सव का आयोजन किया जाएगा। बताया कि इस बार उत्सव को पारंपरिक रंग, सांस्कृतिक छटा और आधुनिक आकर्षण के समन्वय के साथ आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
समिति ने स्पष्ट किया कि इस बार का आयोजन न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित रहेगा, बल्कि इसमें क्षेत्रीय कला, स्थानीय उत्पादों और सामाजिक सहभागिता को भी प्रमुखता दी जाएगी। साथ ही स्थानीय सांसद, विधायक की गरिमामयी सहभागिता के अलावा माननीय मंत्री, जिले के विधायक एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कार्यक्रम को और अधिक भव्यता प्रदान करने की तैयारी है। कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केन्द्र मुशहरी एवं राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र पीपरा कोठी के निदेशक भी आमंत्रित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

बैठक के दौरान उत्सव के सफल संचालन के लिए विभिन्न उप-समितियों का गठन किया गया। सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया। आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के साथ ही सभी सदस्यों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई।
अध्यक्ष सत्य देव राय आर्य ने कहा कि “लीचीपुरम उत्सव अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के पटल पर मेहसी की पहचान बन चुकी है। इसे और ऊंचाई देने के लिए हम सब मिलकर कार्य करेंगे।” वहीं महासचिव सुदिष्ट नारायण ठाकुर ने कहा कि “इस बार का उत्सव हर दृष्टि से यादगार बनाने का लक्ष्य है। अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ने कहा कि विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव से आग्रह किया गया है कि वे इस कार्यक्रम में सूबे के मंत्रियों की गौरवमयी उपस्थिति से सफल बनाएं।
बैठक में सुधीर कुमार सिन्हा, शफी अहमद खान, हामिद रजा, मनोज मिली, मनोज कुमार, डॉ. मनोज कुमार, उमेश शर्मा, चुलबुल ठाकुर, पप्पू यादव सहित अन्य सदस्यों ने भाग लेकर अपने सुझाव साझा किए।
समिति को विश्वास है कि इस बार लीचीपुरम उत्सव मेहसी को सांस्कृतिक मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए गर्व का अवसर बनेगा।












