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भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ निकाला प्रतिरोध मार्च

भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ निकाला प्रतिरोध मार्च

*अनुकंपा बहाली में टालमटोल बर्दाश्त नहीं, आंदोलन तेज किया जाएगा :- अमित कुमार

*बैंक चौक से आगे जाने से माले कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन ने रोका, लेकिन तीखी बहस के बाद विश्वविद्यालय के मुख्य गेट तक पहुँचें माले कार्यकर्ता

*विश्वविद्यालय प्रशासन वादाखिलाफी करना बंद करें – रौशन कुमार

समस्तीपुर/पूसा।संवाददाता।

डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में वरीय तकनीशियन के पद पर कार्यरत अपनी चुनावी ड्यूटी के दौरान शहीद विनोद कुमार राय के आश्रित मिथिलेश कुमार को अनुकंपा पर विश्वविद्यालय में अविलंब नियुक्ति करने, विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 में गलत तरीके से विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव(स्थापना) रमेश पाठक व पूर्व उप कुलसचिव (नियुक्ति) महेश हुड्डा की नियुक्ति की निष्पक्ष जांच कराकर दोनों पर मुकदमा दर्ज करने समेत अन्य विभिन्न मांगों को लेकर भाकपा-माले के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कुलपति के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रतिरोध मार्च मानस मंदिर से चलकर बैंक-चौक पहुँचा कि आगे जाने से माले कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन ने रोक दिया, लेकिन तीखी बहस के बाद विश्वविद्यालय के मुख्य गेट गोलंबर होकर थाना होते हुए जुलूस अस्पताल चौक पहुँचा, जहाँ सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार ने कहा है मृतक के आश्रित के द्वारा वरीय अधिकारी को लगातार पत्र देने, लगातार मिलकर आग्रह करने के बाबजूद नियुक्ति के जगह सिर्फ आश्वासन देने से परेशान मृतक के आश्रित पत्नी चिंता देव एवं पुत्र मिथिलेश कुमार ने 22 फरवरी को डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया गया था, देर शाम विश्वविद्यालय के कुलसचिव मृत्युंजय कुमार तिवारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, उपकुलसचिव, कुलपति के सचिव इत्यादि लोगों की मौजूदगी में लिखित रूप से चार महीने के अंदर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के आश्वासन पर अनशन समाप्त किया गया था,लेकिन 6 महीना बीत जाने के बावजूद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुकंपा बहाली की प्रकिया अभी तक पूरा नहीं किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वादाखिलाफी का परिचय दिया।
आगे उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वर्तमान उप कुलसचिव(स्थापना) रमेश पाठक एवं पूर्व उप कुलसचिव (नियुक्ति) महेश हुड्डा की नियुक्ति विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 में गलत तरीके से की गई थी। विश्वविद्यालय में इन दो पदों पर नियुक्ति के लिए जो पात्रता होनी चाहिए थी, वो इन दोनों के पास नहीं थी। फिर भी इन दोनों की भर्ती नियमों को ताक पर रखकर पूर्व कुलपति के द्वारा उक्त पदों पर कर दी गई। दोनों की नियुक्ति की निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमा दर्ज करना होगा अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। मौके पर भाकपा-माले जिला कमिटी सदस्य किशोर कुमार राय, रौशन कुमार, महेश सिंह, प्रखंड कमिटी सदस्य अखिलेश सिंह, सुरेश कुमार, अजय कुमार, केदार कुमार, सूरज कुमार, रमेशकुमार, सोनू कुमार, रवि रंजन, प्रवीण कुमार, बबलू कुमार, धर्मेंद्र कुमार, बिट्टू कुमार, गणपत कुमार, अजय कुमार, दीपक कुमार, प्रशांत कुमार, प्रिंस कुमार, मोनू कुमार, गोलू कुमार, मनोज कुमार, राजमणि, कुंदन कुमार, राजा कुमार, संतोष कुमार, सुकेश कुमार, पूनम देवी शांति देवी, उषा देवी, संगीता देवी, मालती देवी, उर्मिला देवी आदि शामिल थे।