–बेनीबाद बागमती बांध परियोजना के खिलाफ 11 दिन का आमरण अनशन खत्म, सरकार की समीक्षा तक निर्माण कार्य स्थगित
मुजफ्फरपुर/गायघाट।दीपक कुमार।
बेनीबाद क्षेत्र में बागमती बांध निर्माण के विरोध में पिछले 11 दिनों से चल रहा आमरण अनशन प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। ‘चास-वास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने अधिकारियों के भरोसे के बाद अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार की नई समीक्षा रिपोर्ट नहीं आती, तब तक बांध निर्माण कार्य बंद रखा जाएगा।
आंदोलन को उस समय निर्णायक मोड़ मिला जब मामला विधानसभा तक पहुंचा। विधायक कोमल सिंह ने सदन में बागमती बांध परियोजना की उच्चस्तरीय ‘रिव्यू कमेटी’ बनाने की मांग उठाई, वहीं भाकपा माले नेता व काराकाट विधायक अरुण कुमार सिंह ने भी परियोजना की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े किए। विधायकों की सक्रियता के बाद जिला प्रशासन की टीम अनशन स्थल पर पहुंची।

वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि यह परियोजना 1960 के दशक की सोच पर आधारित है, जो वर्तमान भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि इससे जल निकासी का प्राकृतिक मार्ग बाधित होगा, हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन और बस्तियां डूब क्षेत्र में आ सकती हैं तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
डीसीएलआर सह एसडीएम (पूर्वी) कृष्ण कुमार, बीडीओ डॉ. संजय कुमार राय व अंचलाधिकारी शिवांगी पाठक ने भरोसा दिलाया कि जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को रिव्यू कमेटी पुनर्जीवित करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा और नए दिशा-निर्देश मिलने तक निर्माण कार्य स्थगित रहेगा।
आश्वासन के बाद 11 दिनों से अनशनरत रामलोचन सिंह, सीताराम राय, राजकुमार मंडल और राधा रानी को अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। मौके पर संघर्ष मोर्चा के संयोजक जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक निरंजन राय, भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जफर ने की और संचालन राहुल राय ने किया।












