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दरभंगा में स्कूल, पेयजल और सफाई व्यवस्था को लेकर डीएम को ज्ञापन, 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो जनांदोलन की चेतावनी

-दरभंगा में स्कूल, पेयजल और सफाई व्यवस्था को लेकर डीएम को ज्ञापन, 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो जनांदोलन की चेतावनी

दरभंगा। बहेड़ी प्रखंड के भच्छी पंचायत निवासी समाजसेवी कालीचरण यादव ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर समस्याओं के समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जनांदोलन शुरू किया जाएगा और मामले को उच्च अधिकारियों एवं मीडिया के समक्ष भी उठाया जाएगा।
ज्ञापन में बताया गया है कि भच्छी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय मुशहरी टोल का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। विद्यालय में करीब 150 बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन भवन की दीवारों से प्लास्टर गिर रहा है। चारदीवारी, सुरक्षित दरवाजे-खिड़कियां, पेयजल, शौचालय और बच्चों के बैठने के लिए बेंच-डेस्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। बरसात के दौरान विद्यालय परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी होती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वार्ड संख्या 10 में हर घर नल का जल योजना पिछले चार से पांच महीनों से ठप पड़ी है। पाइपलाइन, पंप और बिजली संबंधी समस्याओं के कारण नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। भू-जल स्तर नीचे चले जाने से कई निजी चापाकल भी सूख गए हैं।

इससे लगभग 50 परिवार गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं और महिलाओं तथा स्कूली बच्चों को प्रतिदिन दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। मांग की गई है कि वार्ड में सरकारी सबमर्सिबल चापाकल एवं लघु जलमीनार की स्थापना कर शीघ्र जलापूर्ति बहाल की जाए।
इसके अलावा पंचायत सरकार भवन के समीप लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत निर्मित कचरा प्रबंधन भवन के निष्क्रिय रहने पर भी चिंता जताई गई है। आरोप है कि कचरे का नियमित निस्तारण नहीं होने से आसपास खुले में गंदगी फैली हुई है, जिससे दुर्गंध, मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इससे पंचायत भवन आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समाजसेवी कालीचरण यादव ने कहा कि सरकार की कई योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से स्वयं स्थल निरीक्षण कर विद्यालय, पेयजल और स्वच्छता संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान कराने की मांग की है। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि सात दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय लोगों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से जनांदोलन शुरू किया जाएगा।