-बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में PAT चयन प्रक्रिया पर सवाल, मेधावी छात्रों ने लगाया अनियमितता का आरोप
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर स्थित भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) में प्री पीएचडी टेस्ट (PAT) चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता दिख रहा है। विश्वविद्यालय की चयन प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार, पक्षपात और मेधावी छात्रों की उपेक्षा के आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि जियोग्राफी विषय में पीजी स्तर पर 86 प्रतिशत अंक प्राप्त और नेट क्वालिफाई छात्र अविनाश तिवारी तथा इतिहास विषय के गोल्ड मेडलिस्ट छात्र अभिषेक कुशवाहा को PAT इंटरव्यू के दौरान अपेक्षा से काफी कम अंक दिए गए, जिससे वे मेधा सूची में पीछे रह गए।


छात्रों का कहना है कि इंटरव्यू के 20 अंकों में उन्हें केवल 5 से 7 अंक दिए गए, जिससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को उचित महत्व नहीं मिल पाया। दावा किया गया है कि अविनाश तिवारी पूर्व में जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा और मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के PAT में टॉपर रह चुके हैं। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह मुजफ्फरपुर में ही आगे की पढ़ाई करना चाहते थे।
मामले को लेकर यह भी आरोप लगाया गया है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इंटरव्यू की रिकॉर्डिंग भी नहीं की गई। अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पुनः इंटरव्यू कराने और मामले की जांच की मांग की है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि PAT की मेधा सूची 92 अंकों पर जारी हुई है और यदि इंटरव्यू में उचित अंक मिलते तो वे चयनित हो सकते थे।
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।












