-बिहार पुलिस में नई स्थानांतरण नीति की तैयारी, जिले में 6 तो रेंज में 12 वर्ष की होगी अधिकतम तैनाती
पटना। बिहार पुलिस के कल्याण और कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर पुलिस मुख्यालय में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। बिहार पुलिस कल्याण कोष की बैठक पुलिस महानिदेशक बिहार विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्मार्ट पुलिसिंग, पुलिसकर्मियों की सक्रियता, गश्ती, वाहन चेकिंग, स्थानांतरण नीति समेत पुलिस हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक में डीजीपी ने दोनों पुलिस एसोसिएशन को निर्देश दिया कि ड्यूटी, गश्ती और वाहन चेकिंग के दौरान सभी पुलिसकर्मी पूरी सजगता, सक्रियता और तत्परता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने पुलिस एसोसिएशन को भी इस दिशा में पहल करने को कहा।
बैठक के बाद बिहार पुलिस एसोसिएशन की ओर से सभी सदस्यों से डीजीपी के निर्देशों का पालन करते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से कार्य करने की अपील की गई। एसोसिएशन ने कहा कि पुलिस की सक्रिय और संवेदनशील कार्यशैली से आम लोगों के बीच पुलिस की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।

वहीं, पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण को लेकर प्रस्तावित नई नीति पर भी महत्वपूर्ण सहमति बनने की बात सामने आई है। इसके तहत किसी पुलिसकर्मी की एक जिले में अधिकतम छह वर्ष, एक रेंज में 12 वर्ष और एक जोन में 18 वर्ष तक तैनाती का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। साथ ही पुलिसकर्मियों को उनके गृह जिले के निकटवर्ती रेंज में स्थानांतरण की व्यवस्था किए जाने का भी प्रस्ताव है।
प्रशिक्षणरत पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गृह जिले के निकट तैनाती देने के प्रावधान पर भी चर्चा हुई है। नई स्थानांतरण नीति लागू होने से पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से राहत मिलने के साथ ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी बदलाव की उम्मीद है।
बैठक में पुलिसकर्मियों के कल्याण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, प्रस्तावित स्थानांतरण नीति के अंतिम स्वरूप और लागू होने की आधिकारिक प्रक्रिया को लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से विस्तृत आदेश का इंतजार है।














