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बन्दरा: जर्जर लोहे के पुलों से सफर कर रही बड़ी आबादी

-जर्जर लोहे के पुलों से सफर कर रही जिंदगी

-सदैव हादसों की बनी रहती की खतरा
-जिम्मेवारों को कोई फिक्र नहीं

मुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।

प्रखंड के पूर्वी एवं उत्तरी बॉर्डर क्षेत्र में बागमती नदी के उपाधारा पर बनी लोहे का आरसीसी पुल जर्जर हो चुका है। दोनों तरफ लोहे का रेलिंग (किनारा) टूट चुका है। वही पुल के पिच की गिट्टियां भी जगह-जगह उखड़ चुकी है। जगह-जगह छोटे-छोटे गड्ढे बने हुए हैं। जिसमें जलजमाव के साथ हीं गाड़ियों के परिचालन से गिट्टियां उखड़ कर बिखर रही है। यहां पंचायत के उप मुखिया अजय कुमार ने बताया कि साल 2000 में इस पुल का निर्माण किया गया था। 24 साल पुराने पुल के मरम्मती या इसके समानांतर दूसरे पुल निर्माण की जरूरत है। स्थानीय विधायक एवं सांसद से कई बार लोगों के द्वारा इसकी मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई गम्भीरता नहीं बरती गई है। लोगों के बोलने का कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। लिहाजा मेंटेनेंस के अभाव में क्षेत्र की कई पुल- पुलियां लगातार काफी कमजोर या क्षतिग्रस्त हुई परी है।

मुन्नी पुल भी क्षतिग्रस्त:

हत्था एवं मुन्नी-बैंगरी पंचायत क्षेत्र सहित अंतरजिला क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला बागमती नदी के उपाधारा में बनी मुन्नी पुल भी काफी जर्जर है। लोहे के पुल की जर्जरता की वजह से स्थानीय विधायक के पहल पर साल भर पहले दोनों तरफ लोहे का बोल्डर गारकर बैरिकेटिंग कर दिया गया था।बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई थी, लेकिन असामाजिक तत्वों और भारी वाहन चालकों के द्वारा इस बोल्डर को कुछ महीने बाद ही तोड़ दिया गया। क्षतिग्रस्त पुल से हीं छोटे बड़े गाड़ियों का परिचालन लगातार जारी है। जिससे यहां सदैव हादसों की आशंका बनी रहती है।यह सड़क उत्तर दिशा में हनुमान नगर में फोरलेन सड़क से भी जुड़ती है,दक्षिण में पड़ोसी सैदपुर- पूसा बाजार जाने के लिए भी काफी उपयोगी है।मैठी टॉल प्लाजा पर टैक्स से बचने या शहर की जाम से बचने के लिए दरभंगा-मधुबनी क्षेत्रों से फोरलेन से आने वाली प्रायः गाड़ियां इसी रास्ते से राजधानी पटना या अन्य जिला क्षेत्रों के लिए आती-जाती है। आपको बता दें कि इस मुन्नी पुल का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था।कई कारणों से तब यह काफी चर्चित पुल था।