-फर्श से अर्श तक: कुसुम देवी ने बदली गांव की पहचान
-उद्यम खड़ा कर कई महिलाओं को दिया रोजगार
-एक वर्ष में 24 से बढ़कर 105 मशीनों तक पहुंचा उद्यम
-ग्रामीण महिलाओं के लिए बना रोजगार का नया केंद्र
मुजफ्फरपुर, 29 सितंबर। ग्रामीण क्षेत्र की एक साधारण जीविका सदस्य कुसुम देवी ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के बल पर उद्यमिता की प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। बजरंग जीविका स्वयं सहायता समूह एवं संगम सीएलएफ से जुड़ी कुसुम देवी द्वारा स्थापित कुखु स्काईपैकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अपने एक वर्ष के सफर में उल्लेखनीय विस्तार किया है।
29 सितंबर 2025 को महज 24 मशीनों के साथ शुरू हुआ यह उद्यम अब बढ़कर 105 मशीनों तक पहुंच गया है। उद्यम के प्रथम वार्षिकोत्सव के अवसर पर कुसुम देवी के आमंत्रण पर जिला पदाधिकारी मुजफ्फरपुर स्वयं फैक्ट्री पहुंचे और वहां संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया।

जिला पदाधिकारी ने कुसुम देवी के संघर्ष, मेहनत और एक वर्ष में हासिल की गई उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने वाले ऐसे प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के साथ नई तकनीक के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य करेगी। उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं से अधिक से अधिक जीविका समूह की महिलाओं को जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में डीपीएम जीविका अनीशा, एसडीएम पश्चिमी, डीपीआरओ, ओएसडी सहित जीविका एवं जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
कुसुम देवी की यह यात्रा बताती है कि इच्छाशक्ति, मेहनत और उचित सहयोग के बूते ग्रामीण महिलाएं न सिर्फ अपना उद्यम खड़ा कर सकती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं।












