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पत्रकारों की पेंशन और सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर : मंत्री लखेंद्र रौशन

-पत्रकारों की पेंशन और सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर : मंत्री लखेंद्र रौशन

-जन्दाहा में ‘हमारी आवाज पत्रकार सम्मेलन’ आयोजित
-पत्रकार सुरक्षा आयोग और कल्याण कोष के गठन की उठी मांग
-जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा बोले—पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर मांग पत्र सौंपूंगा

जन्दाहा (वैशाली)। मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के तत्वावधान में वैशाली जिले के जन्दाहा प्रखंड में ‘हमारी आवाज पत्रकार सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बिहार सरकार के अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन और जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह प्रदेश बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं वरिष्ठ पत्रकारों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि पत्रकारों की पेंशन, सुरक्षा और अन्य समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने और समाज के विकास में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पत्रकार अपने परिवार के साथ-साथ समाज की समस्याओं को भी प्राथमिकता देते हैं और कई बार जोखिम उठाकर जनहित के मुद्दों को सामने लाते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी की ओर से उठाई गई मांगों पर सरकार के स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों को पेंशन योजना से जोड़ने की पहल की जाएगी। इसके साथ ही पत्रकार सुरक्षा आयोग और पत्रकार कल्याण कोष के गठन की मांग पर भी पहल करने की बात कही।

जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि पत्रकार जोखिम उठाकर समाज की आवाज सरकार और प्रशासन तक पहुंचाते हैं। उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के हित में पहले भी बीमा और पेंशन जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं। सम्मेलन में उठाई गई मांगों को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे और मांग पत्र सौंपकर उनके समाधान की पहल करेंगे।

 

सम्मेलन में पूर्व वैशाली सांसद रामा किशोर सिंह ने भी पत्रकारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रखंड स्तर पर कार्यरत पत्रकारों को कामकाज के लिए सरकारी स्तर पर बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि उन्हें समाचार संकलन और अन्य कार्यों के निष्पादन में सुविधा हो सके।

सम्मेलन में वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी और सारण समेत विभिन्न जिलों के साथ नेपाल से आए पत्रकारों ने भाग लिया। इस दौरान पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, सम्मान, मान्यता और कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित पत्रकारों ने विभिन्न मांगों को सर्वसम्मति से पारित कर सरकार तक पहुंचाने का निर्णय लिया।

पत्रकारों ने बिहार पत्रकार संरक्षण आयोग के गठन, पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण तथा ग्रामीण एवं प्रखंड स्तर पर कार्यरत पत्रकारों को मान्यता देने की मांग की। मान्यता संबंधी आवेदन में जिला और अनुमंडल के साथ प्रखंड का कॉलम जोड़ने तथा मान्यता प्रक्रिया में लागू कोटा प्रणाली समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन योजना के दायरे में शामिल करने पर जोर दिया गया, ताकि लंबे समय तक पत्रकारिता के माध्यम से समाज की सेवा करने वाले लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

सम्मेलन में प्रेस क्लबों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और प्रत्येक जिले के प्रेस क्लब में जिला प्रशासन की ओर से मासिक पत्रकार गोष्ठी आयोजित करने की मांग भी की गई। पत्रकारों का कहना था कि इससे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मीडिया तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी और पत्रकारों को अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के अध्यक्ष प्रभात कुमार ने की। जिला मंत्री सह कार्यक्रम संयोजक ब्रजेश ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि पत्रकार अमरेंद्र तिवारी ने मंच संचालन किया। वरिष्ठ पत्रकार मोहन कुमार सुधांशु और अनिरुद्ध राजा ने अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर जिला बीस सूत्री सदस्य अशोक कुमार चौधरी, जन्दाहा थानाध्यक्ष अनामिका कुमारी, मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के मुजफ्फरपुर जिलाध्यक्ष रंजन कुमार समेत विभिन्न जिलों के पत्रकार, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।