-मधेश के कई कद्दावर नेता जीते तो कुछ को हार का मुंह देखना पड़ा
जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर।
नेपाल के संसद तथा विधायक के लिए हुयी चुनाव का नतीजा लगभग आ चुका है। रौतहट जिला क्षेत्र एक से पूर्व प्रधानमंत्री माधब कुमार नेपाल चुनाव जीत गयेहै। इस चुनाव में पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा जनता समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव को वुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। उसको जनमत पार्टी के अध्यक्ष डा. सी. के राउत ने हराया। इसी तरह लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंथ ठाकुर, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के बरिष्ठ नेता तथा पूर्व मंत्री शर्त सिंह भंडारी महोतरी जिला से अपने क्षेत्र से चुनाव जीत गयेहै। वही पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के बरिष्ठ नेता राजेंद्र महतो का मतगणना जारी हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के बरिष्ठ नेता तथा पूर्व मंत्री अनिल कुमार झा धनुषा क्षेत्र तीन से चुनाव हार गयेहै।

इसी तरह नेकपा एमाले के राष्ट्रीय सचिव तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री रघुबीर महासेठ धनुषा क्षेत्र में नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार पूर्व मंत्री महेंद्र यादव से 1500मतो से पीछे चल रहे है। एमाले को टिकट टुकड़ा कर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे पूर्व मंत्री प्रभु साह ने लगातार रौतहत जिला के अपने क्षेत्र से चौंथी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। रौतहट से ही आफताब आलम के पुत्र फिरदौस आलम को किरण साह स्वतंत्र से चुनाव जीतकर आफताब आलम के एकलौती कब्जा को दरकिनार कर दिया। इसी तरह धनुषा जिला से पूर्व मंत्री जूली महतो, तथा बारा से पूर्व मंत्री ज्वाला साह ने क्रमशः एमाले तथा माओवादी पार्टी से जीती है। इसी तरह पूर्व मंत्री तथा माओवादी केन्द्र के कद्दावर नेता भी अपने क्षेत्र में हार रहे है। धनुषा जिला दो से तीन मंत्री चुनाव लड़े थे लेकिन पूर्व मंत्री नेपाली कांग्रेस के राम कृष्ण यादव चुनाव जीत गए। एमाले से चुनाव लड़ रहे उमाशंकर अड़गरिया तथा नेकपा समाजवादी चुनाव लड़ रहे पूर्व मंत्री राम चंद्र झा का हार का सामना करना पड़ा है। मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री मो. लाल बाबू राउत, गृह मंत्री भरत साह, भौतिक पूर्वाधार मंत्री राम सरोज यादव यादव, पूर्व मंत्री तथा लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतेन्द्र सोनल चुनाव जीत गये हैंवही वित्त मंत्री शैलेन्द्र साह चुनाव हार गये हैं। मधुबनी की बेटी सुरीता साह बागी बनकर स्वतंत्र से महोतरी दो ख से चुनाव लड़ी थी वे चुनाव जीत गयी है। पत्रकार से नेता बने रामाशीष यादब दुसरी बार बिधायक बनने में कामयाब हुए हैं।












