-वलि प्रथा के विरोध में आयोजित की गयी गोष्ठी
जनकपुर धाम/मिश्री लाल मधुकर।
वलि प्रथा के बिरोध में शुक्रवार को जनकपुर धाम के जनक मंदिर के परिसर में वलि प्रथा के विरोध में एक विचार गोष्ठी कवीर अनाथ आश्रम के संचालक महात्मा सत्य नारायण आलोक की अध्यक्षता तथा जनकपुर धाम उप महानगरपालिका बार्ड 23के बार्डाध्यक्ष राघवेन्द्र साह के प्रमुख आतिथ्य में संपन्न इस कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म में हिंसा की कोई जगह नहीं है।हिन्दू धर्म शास्त्रों में वलि प्रथा की कोई जिक्र नहीं है किसी भी प्राणी को बलि प्रदान की जाए।लोग अपनी जिह्वा के स्वाद के लिए वकरे को वलि देते हैं।मां दुर्गा,काली किसी बच्चों को मारकर प्रसन्न नहीं रह सकती है।

वलि प्रथा रोकथाम के लिए आयोजित विचार गोष्ठी में मिथिला के पारंपरिक लोक नृत्य झिझिया प्रस्तुत किया गया। प्रेस स्वतंत्रता सेनानी तथा बरिष्ठ पत्रकार राजेश्वर नेपाली की श्रद्धांजलि में कवि गोष्ठी भी आयोजित की गयी।जिसमें दो दर्जन से अधिक कविओं वलि प्रथा के बिरोध बिषय पर आधारित कविता वाचन किए। कार्यक्रम में जनकपुर धाम उद्योग बाणिज्य संघ के उपाध्यक्ष अंबू प्रसाद साह,भोगेन्द्र लाल कर्ण,राम सागर पंडित, भरत प्रसाद महतो, गोविंद दास,विपत्ति दास, भुवनेश्वर महतो, परमेश्वर कापड़ी, प्रेमशीला देवी, प्रदीप यादव सहित कई लोगों ने विचार रखें।












