-दिल्ली दौरे से तय होगी बिहार कैबिनेट की नई तस्वीर, जल्द विस्तार के संकेत तेज
पटना/नई दिल्ली।दीपक कुमार तिवारी।
बिहार की सियासत इन दिनों तेज हलचल और गहमागहमी के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर गतिविधियां चरम पर हैं। सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि अब मंत्रिमंडल विस्तार में ज्यादा देर नहीं है और जल्द ही नई राजनीतिक तस्वीर सामने आ सकती है।
मुख्यमंत्री पदभार संभालने के बाद सम्राट चौधरी संभावित मंत्रियों की सूची लेकर दिल्ली पहुंचे हैं, जहां केंद्रीय नेतृत्व के साथ अहम मंथन जारी है। दिल्ली में उनका दिनभर का कार्यक्रम मुलाकातों और बैठकों से भरा रहा। सुबह उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर सुरक्षा और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और रेल परियोजनाओं पर बातचीत हुई। वहीं, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात ने सियासी अटकलों को और हवा दे दी।
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ हुई बैठक भी खास चर्चा में रही, जिसमें सम्राट चौधरी की मौजूदगी ने इस मुलाकात को और अहम बना दिया। यह संकेत है कि बिहार की राजनीति में हर कदम बेहद रणनीतिक तरीके से उठाया जा रहा है।

अब सबकी नजरें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों पर टिकी हैं, खासकर गृह मंत्री अमित शाह के साथ प्रस्तावित मुलाकात पर। सियासी जानकारों का मानना है कि यही बैठक कैबिनेट के अंतिम खाके को आकार दे सकती है। 6 मई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले यह दौरा निर्णायक माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा कोटे से करीब 16 मंत्रियों को शामिल किए जाने की तैयारी है। इनमें 13 पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए 3 नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। नए नामों को लेकर पार्टी के भीतर गहन मंथन जारी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि दिल्ली से लौटने के बाद सम्राट चौधरी किस तरह बिहार की सियासी बिसात को नया रूप देते हैं। माना जा रहा है कि इस विस्तार के साथ ही राज्य की राजनीति में नई दिशा और गति देखने को मिल सकती है।











