-उत्तर बिहार के व्यापार को मिलेगी रफ्तार, नारायणपुर अनंत बनेगा बड़ा लॉजिस्टिक्स हब
मुजफ्फरपुर, 8 सितंबर। उत्तर बिहार के उद्योग और व्यापार को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में नारायणपुर अनंत स्टेशन को बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल ने यहां आधुनिक लॉजिस्टिक हब और वर्ल्ड क्लास टर्मिनल विकसित करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास की सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों को माल ढुलाई के लिए बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है।
इसी सिलसिले में समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा सोमवार सुबह विशेष निरीक्षण यान ‘चेतक’ से नारायणपुर अनंत स्टेशन पहुंचे। उनके साथ एडीआरएम, सीनियर डीओएम, डीसीएम, सीनियर डीईएन को-ऑर्डिनेशन सहित सिग्नल और बिजली विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे। रेल अधिकारियों की टीम ने स्टेशन और मालगोदाम परिसर का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उपलब्ध जमीन, मौजूदा सुविधाओं और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान मालगोदाम परिसर में गंदगी मिलने पर डीआरएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने रेलकर्मियों और कारोबारियों को परिसर की सफाई व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश दिया। डीआरएम ने चेतावनी दी कि परिसर में गंदगी फैलाने वाले व्यवसायियों को चिह्नित किया जाएगा। ऐसे कारोबारियों के लोडिंग-अनलोडिंग कार्य पर रोक लगाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

नारायणपुर अनंत को भविष्य में यात्री और मालगाड़ियों के लिए विकसित टर्मिनल बनाने की योजना के तहत नजदीकी सिलौत स्टेशन पर चार नई स्टेबलिंग लाइन बनाने की तैयारी है। इन लाइनों का इस्तेमाल ट्रेनों को खड़ा करने के साथ उनके नियमित रखरखाव के लिए किया जा सकेगा। इससे ट्रेन परिचालन को व्यवस्थित करने और नारायणपुर अनंत को पूर्ण विकसित टर्मिनल के रूप में तैयार करने में मदद मिलेगी।
डीआरएम ने जिला प्रशासन, उद्योग केंद्र, बियाडा और चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों के साथ 15 दिनों के भीतर संयुक्त बैठक करने का निर्देश दिया है। बैठक में व्यापारियों और उद्यमियों से लॉजिस्टिक सुविधाओं को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही रेल के बजाय सड़क मार्ग से माल भेजने वाले कारोबारियों की समस्याओं पर भी चर्चा होगी। खास तौर पर डैमेज चार्ज से जुड़ी दिक्कतों का समाधान तलाशने पर जोर रहेगा।
नारायणपुर अनंत के लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित होने से मुजफ्फरपुर जंक्शन पर यात्री और मालगाड़ियों के ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। आसपास के उद्योगों और कारोबारियों को माल परिवहन के लिए रेल का अधिक सुविधाजनक और किफायती विकल्प मिल सकता है। इससे उत्तर बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने में भी मदद मिलने की संभावना है।
नारायणपुर अनंत में लॉजिस्टिक सुविधाओं के विस्तार और सिलौत में चार स्टेबलिंग लाइन की योजना के साथ रेलवे अब इस क्षेत्र को बड़े माल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।














