Breaking: BJP नेता को गोलियों से भूना
संवाददाता। पटना।
बिहार में अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है. अपराधी जब और जहां चाह रहे घटना को अंजाम देकर आराम से फरार हो जा रहे और पुलिस हाथ मलते रह जा रही है. सूबे के सुदूर इलाके की बात कौन करे,राजधानी पटना में पुलिस का इकबाल समाप्ति की ओर है. पटना सिटी में सोमवार (09 सितंबर) की सुबह अपराधियों ने बीजेपी नेता को गोलियों से भून दिया. बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. सुबह-सुबह हुई फायरिंग से राजधानी दहल उठी. मृतक की पहचान बीजेपी नेता श्याम सुंदर उर्फ मुन्ना शर्मा के रूप में की गई है. घटना के बाद एक बार फिर नीतीश सरकार निशाने पर है. इधर, इस बड़ी घटना के बाद भाजपा नेता पुरानी बातों को दुहराने लगे हैं. लालू-राबड़ी राज का राग अलापने लगे हैं.
भाजपा के वरिष्ठ नेता व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि बिहार में एक दौर वह भी था जब शाम को लोगों का घरों से निकलना दूभर था। लालू यादव के शासनकाल में लोग देर शाम घरों से बाहर नहीं निकलते थे। बच्चों को स्कूल भेजने से मां डरती थीं। स्कूल गए बच्चों की सकुशल वापसी तक वह बेचैन रहती थीं। पटना के मासूम छात्र किसलय के अपहरण के बाद तो पूरे बिहार में दहशत का माहौल कायम हो गया था। आगे कहा कि फिरौती के लिए अपहरण के उस दौर में स्थिति काफी खराब थी। देर शाम पटना जंक्शन पर उतरने वाले यात्रियों को पूरी रात वहीं गुजारनी पड़ती थी। बाहर गए किसी परिजन को घर आने में ज्यादा देर हुई तो परिवार में कोहराम मच जाता था। पुलिस की ओर से जब भी कोई लाश बरामद होती थी, लोग अपनों के बारे में सोच कर भयातुर हो जाते थे। उन्होंने कहा कि 2005 के अंत में जब जदयू-भाजपा यानी एनडीए की बिहार में सरकार बनी तब हालात सुधरे। कानून का शासन स्थापित होने के बाद अपराधियों में कानून का खौफ बढ़ा। स्पीडी ट्रायल ने अपना काम बखूबी किया। नवम्बर 2005 से 2020 के बीच 56 हजार से ज्यादा अपराधी जेल भेजे गए। लालू के कार्यकाल में चार्जशीट दाखिल होना और अपराधियों का जेल जाना सपना था। एनडीए के शासनकाल में स्पीडी ट्रायल के जरिए अपराधियों में खौफ पैदा किया गया। नतीजतन फिरौती के लिए अपहरण की वारदातों पर लगाम लगी।

बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर है। महागठबंधन के तमाम दल विधि-व्यवस्था के सवाल पर सरकार की घेराबंदी करने में जुटे हैं। दूसरी ओर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने एक्स एकाउंट पर लगातार क्राइम बुलेटिन जारी कर सरकार के खिलाफ हमलावर तेवर दिखा रहे हैं। सोमवार को पटना सिटी में भाजपा नेता की हत्या के बाद नेता प्रतिपक्ष ने फिर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि बिहार में सत्ता संरक्षण में अपराध फल-फूल रहा है। अपराधी जब चाहे, किसी को भी गोली मारकर भाग जा रहे हैं।उन्होंने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी जारी किया है। जिसमें भाजपा नेता को गोली मारकर भागते अपराधी देखे जा सकते हैं। तेजस्वी ने लिखा कि एनडीए के कर्ताधर्ता बढ़ते बेलगाम अपराध से बेखबर हैं। इधर-उधर में मस्त, व्यस्त और पस्त मुख्यमंत्री से बिहार बिल्कुल भी नहीं संभल रहा है।
















