-पंसस की बैठक में मुखिया एवं सीओ में बहस के बाद गरमाया माहौल,सीओ ने डीएम से की बन्दरा अंचल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने की मांग
बंदरा। दीपक।
प्रखंड पंचायत समिति सदस्यों की बंदरा के न्यू बीआरसी में बुधवार को आयोजित बैठक में बड़गांव मुखिया एवं बन्दरा सीओ के बीच उत्पन्न रिश्वतखोरी को लेकर सदन में उत्पन्न बहस तूल पकड़ता दिख रहा है। बड़गांव पंचायत के मुखिया अब्दुल सत्तार अंसारी ने पंचायत समिति की बैठक के बाद बताया कि उन्होंने जनहित के मुद्दे को लेकर आवाज उठाया है। बंदरा सीओ के द्वारा दाखिल खारिज के मामले को अटकाया जा रहा है। राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से अटर्नी को रखकर सरेआम काम कराए जा रहे हैं और इसके बदले में 5हज़ार से 10हज़ार तक रिश्वत लिए जाते हैं। यह बात उन्होंने सदन में जब उठाई तो सीओ को बुरा लग गया।वे सदन से निकल गए। आखिर जब पदाधिकारी पाक साफ हैं।काम में कहीं कोई बाधा नहीं हो रहे हैं तो आखिर दाखिल खारिज के मामले अटकाये क्यों जा रहे हैं। सभी कागजात सही रहने के बावजूद भी काम रोकने का वजह क्या है?

उन्होंने दावा किया कि उनके पास करीब आधे दर्जन ऐसे मामले और उसके सबूत हैं,जो तमाम कागजातों के रहने के बावजूद मामलों को अटकाया गया है। पिछले बार उन्होंने कहा कि पिछले पंचायत समिति की बैठक में भी उन्होंने आवाज उठाया था कि सीओ के कार्यशैली से लोगों में नाराजगी है। राजस्व कर्मचारी की मनमानी से लोग तबाह हैं। तब सीओ ने अगली बैठक तक व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन अबकी बार दूसरी बैठक में भी सुधार नहीं हो सका है। इसी बात को जब उन्होंने उठाया तो सीओ साहब तिलमिला गए।
वहीं इस संबंध में बंदरा के सीओ राजीव रंजन ने देर शाम बताया कि बड़गांव मुखिया के द्वारा व्यक्तिगत कारणों तथा कामों को लेकर उनके ऊपर दोषारोपण किया गया है। गलत आरोप लगाए गए हैं तथा अमर्यादित लहजे में बातचीत की गई।

इससे वे काफी आहत हैं। बैठक के बाद उन्होंने मुख्यालय जाकर जिला पदाधिकारी को लिखकर दे दिया है। उन्होंने बंदरा अंचल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने की मांग की है।सीओ राजीव रंजन ने बताया कि उन्होंने इस मामले में डीएम को लिखित रूप में आवेदन दी है तथा कार्यों की अधिकता के कारण बंदरा अंचल के प्रभार से मुक्त करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि ऐसे माहौल में और ऐसे बर्तावपूर्ण स्थिति में यहां काम करना संभव नहीं है। सीओ ने बताया कि सदन में आज उनके साथ किए गए व्यवहार से वे काफी आहत हैं।













