-जनकपुरधाम में बाबा साहेब अम्बेडकर की 132वींजयंती मनाया गया।
जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर।
14अप्रैल को जनकपुरधाम में राष्ट्रीय तत्मा समाज नेपाल द्वारा भारत रत्न बाबा साहेब डॉ.भीम राव भीम राव अम्बेडकर की 132वींजयंती समारोह राष्ट्रीय तत्मा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामशीष दास की अध्यक्षता में मनायी गयी।इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय भाषण में रामाशीष दास ने कहा कि बाबा साहेब डॉ.भीम राव अम्बेडकर ने बिषमपरिस्थिति में शिक्षा ग्रहण किए।उन्हें छुआछूत का दंश झेलना पड़ा। लेकिन उन्होंने इसे परवाह न कर ले अपने मिशन पर आगे बढ़ते गये।भारत के संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर ने दलित तथा आदिवासी को नौकरी तथा पार्लियामेंट तथा एसेम्वली में आरक्षण की व्यवस्था करने का अधिकार देकर बंचित समाज को आगे बढ़ाने का काम किया। नेपाल में भारत की तरह नौकरी तथा सांसद,बिधायक तथा स्थानीय निकाय में जव तक दलित को आरक्षण नहीं मिलेगा।तव तक नेपाल के दलित आगे नहीं बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि तत्मा कुटी में बहुत ही जल्द ही बाबा साहेब अम्बेडकर की आदत कदकी प्रतिमा लगाया जायेगा।

इस अवसर पर जगदीश दास लोहनी ने कहा कि दलित को नेपाल में अधिकार नहीं है। लेकिन खस दलित को सरकार द्वारा कुछअधिकार दिए गये हैं। लेकिन मधेशी दलित को सरकार द्वारा दिए गये अधिकार से बंचित रखा गया है। कार्यक्रम में जनता समाजवादी पार्टी के बरिष्ठ नगर अध्यक्ष राम चंद्र पंजियार,पंच लाल दास, कृष्ण कुमारी तामांग,झगरू दास,राम प्रीत दास,कालू दास पंडित,सहित कई लोगों ने बिचारी रखें। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत रघुनाथ दास ने किया तथा मंच संचालन राजदेव दास ने किया।












