-बन्दरा प्रमुख के खिलाफ अविश्वास की रणनीति,आंतरिक बैठक में विपक्षी एकजुटता का निर्णय
-अचानक प्रखण्ड की राजनीति गरमाई
-दर्जन भर समिति सदस्यों के एकजुटता के दावे
मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।
जिले के बन्दरा प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रखंड की राजनीतिक में अचानक गर्माहट शुरू हो गयी है। अंदर खाने पंचायत समिति सदस्यों ने बैठक कर इसकी रणनीति भी तैयार कर ली है, हालांकि आधिकारिक रूप से इसका प्रतिरूप अभी सामने आना बाकी है। प्रखंड के आंतरिक सूत्रों का बताना है कि प्रखंड प्रमुख के कार्यशैली पर नाराजगी और अविश्वास जताते हुए प्रखंड के 17 में करीब दर्जन भर पंचायत समिति सदस्यों ने बैठक कर एकजुटता के दावे किए हैं। तत्काल प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मोर्चा खोलने की तैयारी है। बैठक में अविश्वास से सम्बंधित आवेदन संबंधित अधिकारियों को देकर आवश्यक कार्रवाई से संबंधित अनुरोध करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि अविश्वास की स्थिति में दूसरा नेता या प्रमुख पद का दावेदार कौन होगा। इस पर अभी सर्वसम्मति नहीं बन सकी है। प्रखंड सूत्रों का बताना है कि अंदरखाने यह रणनीति पिछले कई महीने से चल रहे थे, लेकिन गुरुवार को प्रखंड के मतलूपुर में आयोजित एक अनौपचारिक एवं गुप्त बैठक में अविश्वास की एकजुटता के बाद यह बातें पटल पर आ गयी। बैठक में शामिल 3 पंचायत समिति सदस्यों ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि बैठक में कुल 17 में एक दर्जन पंचायत समिति सदस्य उपलब्ध थे। जिसमें 10 के चेहरे स्पष्ट हैं। दो चेहरे गुमनाम हैं।विडीओ कॉन्फ्रेंसिंग पर उन्होंने भी अपनी सहमति दी है। मौका आने पर वह भी खुल जाएंगे। आंतरिक सूत्रों का बताना है कि अविश्वास प्रस्ताव पत्र भी लिख लिए गए हैं और इसके लिए शपथ पत्र भी बनवाए गए हैं, हालांकि बैठक में शामिल सदस्यों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि आज की बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लगाने को लेकर आवेदन संबंधित अधिकारियों को जल्द हीं देने की रणनीति बनाई गई है। सदस्यों को किन और कितने बिंदुओं पर अविश्वास है ,जल्दी खुलासा हो जाएगा। समिति सदस्यों ने बताया कि जल्द ही आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी।


वहीं इस संबंध में बन्दरा प्रमुख सोनी चौधरी के पति मनीष चौधरी ने देर शाम बताया कि इस संदर्भ में गुप्त बैठक की सूचना उन्हें भी मिली है, लेकिन आधिकारिक तौर पर बीडीओ को अब तक कोई आवेदन नहीं दिया गया है।उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी में जो प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित होते हैं। उन पर अविश्वास प्रस्ताव नहीं लगाया जाता है,सिर्फ निर्वाचित प्रमुख पर ही अविश्वास का प्रस्ताव लग सकता है, हालांकि यह आधिकारिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि सभी समिति उनके साथ हैं। उन्हें सभी सदस्यों पर पूर्ण विश्वास है।हम क्या कहें। किसी पर कुछ नहीं बोलेंगे।
बैठक में शामिल थे विधायक पक्ष एवं विपक्ष खेमे के भी सदस्य:
आंतरिक सूत्रों का बताना है समिति सदस्यों की विक्षुब्ध गुटों की बैठक में सत्ताधारी दल के विधायक पक्ष के गुट एवं विपक्षी खेमे के गुट के भी सदस्य शामिल थे,लेकिन मुखरता से अभी कोई चेहरा सामने नहीं आया है।












