-मॉडल हाई स्कूल के नाम पर सिर्फ रंगाई-पुताई? चार पिलर के सहारे अधूरा पुस्तकालय भवन
पूसा/समस्तीपुर, 23 अगस्त 2026। पूसा प्रखंड के मोहम्मदपुर देवपार पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय को ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के नाम पर मॉडल हाई स्कूल का दर्जा दिए जाने के बावजूद विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विद्यालय परिसर में प्रस्तावित पुस्तकालय भवन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है। निर्माण स्थल पर फिलहाल कुछ पिलर खड़े हैं और भवन की संरचना अधूरी पड़ी हुई है।
अधूरे निर्माण को लेकर पूर्व जिला परिषद प्रत्याशी सह इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के जिला सचिव रौशन कुमार ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि पुराने भवन की केवल रंगाई-पुताई कर उसे मॉडल स्कूल के रूप में प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है। यदि पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधा का भवन ही अधूरा है, तो मॉडल हाई स्कूल के दावे की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
रौशन कुमार ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी स्कूलों को मॉडल बनाने का दावा करती है, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। उन्होंने सवाल किया कि मॉडल स्कूल अभियान का वास्तविक लाभ ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को कब मिलेगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ नाम बदलने और रंगाई-पुताई से विद्यालय मॉडल नहीं बन सकता। इसके लिए मजबूत भवन, सुरक्षित कक्षाएं, आधुनिक पुस्तकालय, प्रयोगशाला, स्वच्छ पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए समुचित शौचालय, खेलकूद की सुविधा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण जरूरी है।
उन्होंने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से पुस्तकालय भवन की स्वीकृत राशि, कार्यादेश जारी होने की तिथि, निर्माण पूरा करने की निर्धारित समय-सीमा और अब तक खर्च की गई राशि की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।

रौशन कुमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन विद्यालयों में जरूरी भवन और संसाधन समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इसका सीधा असर गरीब और ग्रामीण परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। बिहार के बच्चों को केवल कागज पर मॉडल स्कूल नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर स्कूल चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसी से पुस्तकालय भवन के निर्माण की तत्काल समीक्षा कराने, निर्माण की गुणवत्ता की जांच करने, स्वीकृत राशि एवं कार्यादेश की जानकारी सार्वजनिक करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर पुस्तकालय भवन समेत विद्यालय की सभी आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण पूरा कराने की मांग की।
रौशन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी जारी रही और विद्यार्थियों को मॉडल हाई स्कूल के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों, छात्रों और युवाओं को साथ लेकर आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।












