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विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़ा 2026: महिला नसबंदी में पटना अव्वल, पुरुष नसबंदी में वैशाली और सिवान ने मारी बाजी

-विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़ा 2026: महिला नसबंदी में पटना अव्वल, पुरुष नसबंदी में वैशाली और सिवान ने मारी बाजी

-11 से 31 जुलाई तक चले अभियान में 15,033 नसबंदी ऑपरेशन
-पुरुष भागीदारी अब भी बेहद कम

पटना। विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़ा 2026 के तहत 11 से 31 जुलाई तक चले विशेष अभियान में बिहार ने परिवार नियोजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। अभियान के दौरान राज्यभर में 15,033 नसबंदी ऑपरेशन किए गए, जिनमें 14,728 महिला नसबंदी और 305 पुरुष नसबंदी शामिल है। आंकड़े बताते हैं कि परिवार नियोजन में अब भी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में कई गुना अधिक है।
महिला नसबंदी में पटना ने पूरे बिहार में बाजी मारते हुए 1,210 ऑपरेशन के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद पश्चिम चंपारण (820), वैशाली (809), पूर्वी चंपारण (752) और गया (702) शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहे। वहीं पुरुष नसबंदी में वैशाली और सिवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 52-52 ऑपरेशन कर 50 का आंकड़ा पार किया और संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। औरंगाबाद (27) तीसरे, जबकि बेगूसराय और पटना (21-21) संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे।
जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों एवं सीएस डॉ.योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने इस परिवार नियोजन कार्यक्रम को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। साथ ही कहा कि यह टीम वर्क है। अधिकारियों ने कहा कि पटना का महिला नसबंदी में शीर्ष पर पहुंचना और वैशाली व सिवान का पुरुष नसबंदी में 50 से अधिक ऑपरेशन करना अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक है। हालांकि पुरुष नसबंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अभी भी आवश्यकता है।


महिला नसबंदी में टॉप-10 जिले
1. पटना – 1210
2. पश्चिम चंपारण – 820
3. वैशाली – 809
4. पूर्वी चंपारण – 752
5. गया – 702
6. बेगूसराय – 689
7. सिवान – 598
8. नवादा – 577
9. भागलपुर – 534
10. पूर्णिया – 488
पुरुष नसबंदी में टॉप-10 जिले
1. वैशाली – 52
2. सिवान – 52
3. औरंगाबाद – 27
4. बेगूसराय – 21
5. पटना – 21
6. रोहतास – 13
7. नवादा – 11
8. सीतामढ़ी – 10
9. कैमूर (भभुआ) – 9
10. शेखपुरा – 9
कई जिलों का प्रदर्शन रहा निराशाजनक
पुरुष नसबंदी में समस्तीपुर, अररिया, बांका, दरभंगा और मुजफ्फरपुर एक भी ऑपरेशन नहीं कर सके। वहीं मुंगेर, पूर्णिया, सुपौल, जमुई और शिवहर में केवल एक-एक पुरुष नसबंदी दर्ज हुई।
महिला नसबंदी में भी जमुई (108), जहानाबाद (124), मुंगेर (132), दरभंगा (155), शिवहर (169) और अरवल (177) का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
पुरुष भागीदारी बढ़ाने की चुनौती
स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि कुल नसबंदी ऑपरेशन में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 98 प्रतिशत रही, जबकि पुरुष नसबंदी महज 2 प्रतिशत के आसपास सिमट गई। यह दर्शाता है कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी अब भी मुख्य रूप से महिलाओं पर ही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुष नसबंदी को लेकर जागरूकता बढ़ाने, भ्रांतियों को दूर करने और पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। वहीं, पटना का महिला नसबंदी में शीर्ष स्थान और वैशाली-सिवान का पुरुष नसबंदी में 50 का आंकड़ा पार करना इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।