-बहेड़ी थाना पर भ्रष्टाचार के आरोप, एसपी कार्यालय के सामने सामाजिक कार्यकर्ता का अनिश्चितकालीन अनशन शुरू
दरभंगा। बहेड़ी थाना में कथित भ्रष्टाचार, लापरवाही और पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व जिला सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ चिंटू सिंह ने मंगलवार को लहेरियासराय स्थित वरीय पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के समीप निर्धारित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया।
अनशन पर बैठे रविन्द्र नाथ सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि बहेड़ी थाना क्षेत्र से पिछले कई महीनों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उनके अनुसार, थानाध्यक्ष सूरज गुप्ता और अवर निरीक्षक रौशन कुमार पीड़ितों के लिखित आवेदन दबा देते हैं, प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक विलंब करते हैं, रिश्वत की मांग की जाती है तथा आपराधिक छवि के लोगों को संरक्षण दिया जाता है।
उन्होंने दावा किया कि इन आरोपों के समर्थन में उनके पास पीड़ितों के आवेदन की प्राप्ति रसीद, ऑडियो-वीडियो साक्ष्य और अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 11 जुलाई को बेनीपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) द्वारा बिना जमीनी जांच के संबंधित अधिकारियों को क्लीन चिट देना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिससे आम जनता का पुलिस प्रशासन पर विश्वास कमजोर हुआ है।

अनशनकारी ने मांग की कि बहेड़ी थाना से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। साथ ही जांच के दौरान थाना के सीसीटीवी फुटेज, आगंतुक पंजी, मालखाना पंजी और अन्य अभिलेखों की समीक्षा कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एसडीपीओ बेनीपुर की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
रविन्द्र नाथ सिंह ने कहा कि इस मामले में पूर्व में भी वरीय अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से जनहित में शीघ्र निष्पक्ष जांच कर लोगों का पुलिस पर भरोसा बहाल करने की अपील की।
अनशन में सुनील राम, संतोष लाल देव, कुमुद राम, लक्ष्मण साहू, कृष्ण कुमार, विजय महतो और नवीन कुमार सहित कई पीड़ित शामिल हैं। वहीं मिथिला विकास संगठन के संस्थापक अध्यक्ष विकास फूल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भोला कुमार यादव सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनशन को समर्थन दिया है।












