-बजाज फाइनेंस ने चलाया साइबर फ्रॉड और वित्तीय साक्षरता जागरूकता अभियान
मुजफ्फरपुर। भारत की अग्रणी निजी क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस लिमिटेड की ओर से सोमवार को बंदरा प्रखंड के रामपुरदयाल और बड़गांव पंचायत में ‘अर्थसूत्र संवाद’ के तहत वित्तीय साक्षरता एवं साइबर फ्रॉड से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और कम बैंकिंग सुविधा वाले क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना तथा लोगों को सुरक्षित बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक करना था।
रामपुरदयाल पंचायत स्थित इंटर स्तरीय सर्वोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पियर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पुलिस सब इंस्पेक्टर निवेदिता ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने, अज्ञात संदेशों और फर्जी लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की।
कार्यक्रम में बताया गया कि ‘अर्थसूत्र संवाद’ भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता पहल के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों में वित्तीय अनुशासन विकसित करना, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी देना और धन प्रबंधन की बेहतर आदतों को बढ़ावा देना है।

विद्यालय के प्राचार्य कैलाशचंद्र ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को धन दोगुना करने जैसे झूठे प्रलोभन देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। इसलिए किसी भी लालच में न आएं और अपने धन को सुरक्षित रखने के लिए बैंकिंग प्रणाली पर भरोसा करें।
वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक ब्रह्मानंद ठाकुर ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत से कमाए गए धन की सुरक्षा और बचत की आदत ही भविष्य को सुरक्षित बनाती है।
कार्यक्रम में जनता दल (यू) के प्रखंड अध्यक्ष मनोज कुमार कुशवाहा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान लोगों को साइबर ठगी से बचने और अपने धन का बेहतर प्रबंधन करने में मददगार साबित होंगे।
वहीं, बड़गांव पंचायत स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य अकबर अंसारी, पूर्व मुखिया नीतेश कुमार, कलाकार ललन कुमार तरुण सहित अन्य वक्ताओं ने भी साइबर फ्रॉड से बचाव और वित्तीय जागरूकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, ग्रामीण एवं पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। शुरुआत में सभी अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया।












