-हर्ष फायरिंग मामले में भाजपा विधायक डॉ. राजू कुमार सिंह दोषी करार, कोर्ट ने लिया हिरासत में
मुजफ्फरपुर।साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजू कुमार सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने वर्ष 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी मानते हुए हिरासत में लेने का आदेश दिया है। मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई बाद में होगी।
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात का है, जब दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक फार्महाउस में न्यू ईयर पार्टी का आयोजन किया गया था। आरोप है कि पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में डॉ. अर्चना गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उपचार के दौरान तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई थी।
अदालत ने मामले में सह-आरोपी बनाई गई विधायक की पत्नी रेणु सिंह, राणा राजेश सिंह और रमेंद्र सिंह को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इनके खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं हो सके।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने डॉ. राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) के तहत दोषी ठहराया है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत भी उन्हें दोषी पाया गया। अदालत ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश जारी करते हुए सजा निर्धारण के लिए अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की है।

मामले में सजा के बिंदु पर अगली सुनवाई 9 जून को होगी। इसी दौरान अदालत यह तय करेगी कि दोषी विधायक को कितनी सजा दी जाएगी।
अदालती फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। डॉ. राजू कुमार सिंह लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न दलों का प्रतिनिधित्व करते हुए साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने जा चुके हैं।
उन्होंने वर्ष 2005 के बाद अलग-अलग चुनावों में लोक जनशक्ति पार्टी, जनता दल (यू), वीआईपी और बाद में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर जीत हासिल की है। वे बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
कानूनी और राजनीतिक असर की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, विधायक के खिलाफ पूर्व से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनका उल्लेख उनके चुनावी हलफनामों में किया गया है। ऐसे में अदालत के इस फैसले का उनकी राजनीतिक और कानूनी स्थिति पर व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अब सभी की नजरें 9 जून को होने वाली सजा संबंधी सुनवाई पर टिकी हैं।













