Advertisement

13 निजी स्वास्थ्य संस्थान सील , मानकों के उल्लंघन पर हुई कडी कार्रवाई 

-13 निजी स्वास्थ्य संस्थान सील , मानकों के उल्लंघन पर हुई कडी कार्रवाई

~~~~~~~~~~~~~~~~~~

मुजफ्फरपुर,

6 जून, 2026

एसकेएमसीएच के निकटवर्ती क्षेत्र में संचालित निजी नर्सिंग होम एवं स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 13 संस्थानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) श्री तुषार कुमार के नेतृत्व में चलाये गये विशेष जांच अभियान के दौरान की गई।

मरीजों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए निजी स्वास्थ्य संस्थानों मे सरकारी मानदंड के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सेवा बहाल करने के उद्देश्य से तीन अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुसहरी, मीनापुर, गायघाट एवं औराई के चिकित्सा पदाधिकारियों को शामिल किया गया था। टीमों ने एसकेएमसीएच के आसपास संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान कई संस्थानों में आवश्यक सरकारी मानकों, लाइसेंसिंग नियमों तथा क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट से संबंधित प्रावधानों का अनुपालन नहीं पाया गया। कुछ संस्थानों के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जबकि कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में अनियमितताएं सामने आईं। मरीजों के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियो ने आज तत्काल प्रभाव से 12 स्वास्थ्य संस्थानों को सील कर दिया। इसके अलावा 5 जून को भी स्वास्थ्य मानक के उल्लंघन पाये जाने पर मदांता अस्पताल को भी सील किया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुसहरी एवं मीनापुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा छह संस्थानों को सील किया गया। वहीं गायघाट की टीम ने तीन तथा औराई की टीम ने तीन स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की।

सील किए गए संस्थान

~~~~~~~~~~~~~~~~~

बालाजी हेल्थ केयर, रेडियस हेल्थ केयर, संतोष चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, आशा हेल्थ केयर, श्री गंगाराम इमरजेंसी हॉस्पिटल, तिरुपति नर्सिंग होम, आयुष्मान हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल, सम्राट हॉस्पिटल, एस-एस हॉस्पिटल, हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल, भूमि चाइल्ड केयर हॉस्पिटल तथा ओम अल्ट्रासाउंड शामिल है।

इस संबंध में सिविल सर्जन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन ने सभी संचालकों को निर्देश दिया है कि वे आवश्यक मानकों एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।