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30 दिन में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अधिकारी होंगे स्वतः निलंबित : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

-30 दिन में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अधिकारी होंगे स्वतः निलंबित : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना/सोनपुर। 19 मई 2026।दीपक तिवारी। बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने मंगलवार को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग पंचायत में ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के तहत आयोजित ‘सहयोग शिविर’ का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाना ही ‘सहयोग शिविर’ का मूल उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 11 मई को ही सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था, जिसके माध्यम से आम लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सहयोग शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन हर हाल में 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी तय समयसीमा के अंदर आवेदन का निष्पादन नहीं करता है तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन प्राप्ति के 10वें दिन पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस संबंधित अधिकारी को मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से भेजा जाएगा। 30वें दिन तक आदेश जारी नहीं होने पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि “अटकाने और भटकाने वाले पदाधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन अब प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर पूरे बिहार में किया जाएगा, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि अंचल, प्रखंड और थाना स्तर की समस्याओं का भी 30 दिनों के भीतर निपटारा किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi देश को विकसित बनाना चाहते हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar बिहार को समृद्ध बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं और ‘सहयोग शिविर’ इस दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

सोनपुर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि पटना के जेपी गंगा पथ की तर्ज पर सोनपुर में ‘गंगा-अंबिका पथ’ का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही सोनपुर में नया पुल, एयरपोर्ट और बाबा हरिहरनाथ के नाम पर नया टाउनशिप विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नोएडा की तरह इस पूरे इलाके को विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग-धंधों की स्थापना और रोजगार सृजन के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं अब 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार कर रही हैं और सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर स्तर पर कार्य कर रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 211 ऐसे प्रखंड जहां डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां इस वर्ष जुलाई से पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल के रूप में सरस्वती विद्या निकेतन स्थापित करने की दिशा में भी कार्य चल रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल और जिला अस्पतालों से सामान्य मरीजों को रेफर करने की पुरानी व्यवस्था को 15 अगस्त तक समाप्त कर दिया जाएगा। यदि सामान्य मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर किया गया तो संबंधित सिविल सर्जन पर कार्रवाई होगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभुकों के बीच बासगीत पर्चा, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र तथा मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत सांकेतिक चेक का वितरण भी किया।

इस मौके पर सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक विनय कुमार सिंह, कृष्ण कुमार मंटू, जनक सिंह, मनोरंजन सिंह, छोटी कुमारी, रणधीर कुमार सिंह, विधान पार्षद सच्चिदानंद राय, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे।