-शिवहर सदर अस्पताल में ‘जुगाड़ इलाज’ का वीडियो वायरल, घायल दरोगा के टूटे पैर को कार्डबोर्ड और पाइप से दिया सहारा
पटना/शिवहर। शिवहर से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर देने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एनएच-227 पर फतेहपुर के पास हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दरोगा श्यामलाल को इलाज के लिए सरोजा सीताराम सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां जो दृश्य देखने को मिला उसने लोगों को हैरान कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दरोगा श्यामलाल के टूटे हुए पैर को स्थिर रखने के लिए अस्पताल में उपलब्ध मानक मेडिकल उपकरणों की जगह जुगाड़ का सहारा लिया गया। पैर को सहारा देने के लिए कार्डबोर्ड बॉक्स और पानी चढ़ाने वाले पाइप का इस्तेमाल किया गया। अस्पताल के इस अस्थायी इंतज़ाम का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब एक पुलिस अधिकारी के इलाज में ऐसी व्यवस्था की जा रही है, तो आम मरीजों को कैसी सुविधाएं मिलती होंगी। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि यह इलाज है या स्वास्थ्य व्यवस्था का मज़ाक।

घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी, लाइन डीएसपी, नगर थाना अध्यक्ष रणधीर कुमार सिंह, इंस्पेक्टर मंजर आलम समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। वहीं अस्पताल प्रशासन पर बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की कमी और लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। सिविल सर्जन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि शुरुआती तौर पर हड्डी टूटने की स्थिति में सहारा देने के लिए यह व्यवस्था की गई थी, लेकिन यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है और अस्पतालों की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।












