-भारत कला भवन की ‘निधि गैलरी’ में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों का विशेष शैक्षिक भ्रमण
-समावेशी दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण बना भारत कला भवन
वाराणसी। संवाददाता।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित भारत कला भवन ने एक बार फिर अपने समावेशी और संवेदनशील दृष्टिकोण का परिचय देते हुए दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया। यह भ्रमण भारत कला भवन की प्रसिद्ध ‘निधि गैलरी’ में कराया गया, जहाँ विद्यार्थियों को भारतीय कला, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से विशेष रूप से परिचित कराया गया।
प्राचीन सिक्कों, मृण्मूर्तियों, बहुमूल्य पत्थरों और दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध निधि गैलरी में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए स्पर्श आधारित अनुभव, मौखिक व्याख्या और संवेदनशील प्रस्तुति के माध्यम से संग्रहालय दर्शन को सहज और अर्थपूर्ण बनाया गया। इस अनूठे प्रयास से विद्यार्थियों ने कला और इतिहास को केवल सुना ही नहीं, बल्कि महसूस भी किया।

इस समावेशी पहल का नेतृत्व वीथिका परिचारक डॉ. नीरज कुमार सिंह एवं इंटर्न दिनकर कुमार सिंह ने किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय से जुड़ी स्मृतियों की जानकारी दी गई, जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से भी प्रभावित किया। वहीं, गांधार कला शैली में निर्मित भगवान बुद्ध का मस्तक (बुद्ध हेड) विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
भारत कला भवन प्रशासन ने इस अवसर पर संदेश दिया कि संग्रहालय केवल देखने का स्थान नहीं, बल्कि अनुभव करने का माध्यम है। दिव्यांगता ज्ञान और संस्कृति के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। भारत कला भवन की यह पहल समावेशी शिक्षा और समान अवसर की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम मानी जा रही है।











